सेना दिवस परेड: फुल ड्रेस रिहर्सल में उमड़ा जनसैलाब और देशभक्ति के गूंजे नारे
जयपुर, 13 जनवरी (हि.स.)। राजधानी जयपुर में आयोजित हो रही सेना दिवस परेड-2026 ने शहर को राष्ट्रभक्ति, गौरव और सैन्य सामर्थ्य के उत्सव में बदल दिया है। पहली बार आर्मी एरिया से बाहर आयोजित हो रही इस 78वीं सेना दिवस परेड को लेकर आमजन में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। जगतपुरा स्थित महल रोड़ पर मंगलवार को आयोजित तीसरी और अंतिम फुल ड्रेस रिहर्सल में हजारों की संख्या में मातृशक्ति, युवा, विद्यार्थी एवं नागरिकों ने सहभागिता कर भारतीय सेना के साहस, पराक्रम, अनुशासन और आधुनिक युद्ध क्षमता का सजीव अनुभव किया। इस दौरान लोगों ने देशभक्ति के नारों से वातावरण को गुंजायमान कर भारतीय सेना का उत्साहवर्धन किया।
फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान भारतीय सेना की आधुनिक सैन्य एवं युद्धक क्षमता का व्यापक प्रदर्शन किया गया। स्वदेशी तकनीक से विकसित मिसाइल प्रणालियां, अत्याधुनिक टैंक, सैन्य वाहन, ड्रोन, एंटी एयर एवं एंटी टैंक हथियारों के माध्यम से सेना की सामरिक शक्ति को प्रदर्शित किया गया। ऑपरेशन सिंदूर की झांकी, ब्रह्मोस मिसाइल, हेलिकॉप्टर आधारित हथियार प्रणाली तथा रोबोटिक डॉग्स ने भविष्य की युद्ध रणनीतियों की झलक प्रस्तुत की।
इस दौरान भारतीय सेना की ड्रोन शक्ति (ईगल प्रहार) विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। चार हजार मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरने वाले अत्याधुनिक ड्रोन आधुनिक युद्ध तकनीक को स्पष्ट रूप से दर्शाते नजर आए। नवगठित भैरव बटालियन द्वारा ड्रोन आधारित अभियानों की क्षमता का प्रदर्शन किया गया। कॉम्बैट ड्रोन्स ने जहां आमजन को आकर्षित किया वहीं रडार बेस्ड ड्रोन जैमर सिस्टम और सम्युक्ता जैमर सिस्टम आदि के माध्यम से आमजन को भारत की प्रतिरक्षा प्रणाली से अवगत करवाया गया।
ऑल-टेरेन वाहनों के प्रदर्शन तथा मॉड्यूलर ब्रिज निर्माण जैसी व्यवस्थाओं ने यह स्पष्ट किया कि भारतीय सेना केवल युद्ध में ही नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में भी समान रूप से सक्षम है। अनुशासित कदमताल के साथ आर्मी बैंड और घुड़सवार टुकड़ियों ने दर्शकों को गर्व से भर दिया। वहीं, अपाचे, प्रचंड और चेतक हेलिकॉप्टरों की उड़ानों ने दर्शकों को रोमांचित किया। इसी प्रकार, भारतीय सेना के जवानों ने मोटरसाइकिल पर पिरामिड निर्माण, एक टायर पर सवारी तथा अशोक स्तंभ और कमल जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान की परम्परा को दर्शाते इस आयोजन में विभिन्न वीरता पुरस्कार विजेताओं के दस्ते, नेपाली आर्मी बैण्ड, 61 कैवेलरी रेजीमेंट, हाई मॉबिलिटी रिकॉनिनेंस व्हीकल, भीष्म टैंक, मुख्य युद्ध टैंक अर्जुन मार्क-1, नाग मिसाइल सिस्टम मार्क-1, अपग्रेडेड शिल्का, स्पेशलिस्ट मॉबिलिटी व्हीकल, क्विक रिएक्शन फाइटिंग व्हीकल, लाइट स्ट्राइक व्हीकल, व्हीकल माउंटेड इन्फेन्ट्री मोर्टार सिस्टम, जू-23 मिनी गन, एल-70 वायु रक्षा तोप, यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम-सूर्यास्त्र, सेटेलाइट संचार प्रणाली, शक्तिबाण रेजीमेंट, स्वदेशी नस्लों के सैन्य डॉग्स आदि की भागीदारी ने लोगों में गर्व, स्वाभिमान, उत्साह और रोमांच का संचार किया।
इस दौरान आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत 2047 की झलक दिखलाती झांकी आकर्षण का केन्द्र रही। वहीं, राजस्थानी कला-संस्कृति के प्रदर्शन ने भी लोगों का मन मोहा। उल्लेखनीय है कि 15 जनवरी को मुख्य सेना दिवस परेड का आयोजन किया जाएगा। दिल्ली से बाहर सेना दिवस परेड की मेजबानी करने वाले शहरों में जयपुर चौथा शहर है।
इस सेना दिवस परेड के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा एवं आपातकालीन सेवाओं के साथ महिला एवं दिव्यांग दर्शकों की सुविधा सुनिश्चित की गई है। सामान्य प्रशासन, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के आपसी समन्वय से आयोजन सुचारु, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से हो रहा है।
यह सेना दिवस परेड–2026 भारतीय सेना के पराक्रम का प्रदर्शन भर नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, सुशासन और जनता व सेना के बीच सुदृढ़ होते विश्वास का प्रतीक है। जयपुर में आयोजित यह ऐतिहासिक आयोजन राष्ट्र के सामरिक आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता की नई मिसाल स्थापित कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश