संस्कृति, सृजन और अभियांत्रिकी का अनूठा संगम
जोधपुर, 27 मई (हि.स.)। कृषि विश्वविद्यालय के प्रौद्योगिकी एवं कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित वार्षिकोत्सव मरुप्रविधि 2026 हर्षोल्लास से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतिभाओं का अनूठा संगम दिखाई दिया।
समारोह में अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु प्रो. वीरेंद्र सिंह जैतावत ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ संस्कार, नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व भी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कृषि एवं तकनीकी क्षेत्र में नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की बात कही। मुख्य अतिथि डॉ. विशाल अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय नवाचार एवं स्टार्टअप संस्कृति का है।
कार्यक्रम के मेजबान एवं अधिष्ठाता प्रो. एमएम कुमावत ने महाविद्यालय की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए महाविद्यालय में शोध, नवाचार, पेटेंट, तकनीकी डिज़ाइन, खेल, सांस्कृतिक एवं विभिन्न सह-शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि प्रो. एसआर कुमावत, प्रो. जेआर वर्मा व प्रो एसके मूंड ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत लोक नृत्य, लोक संगीत गायन, समूह प्रस्तुतियाँ एवं नुक्कड़ नाटक आकर्षण का खास केंद्र रहे। समारोह में शैक्षणिक उत्कृष्टता, खेल उपलब्धि, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक योगदान तथा अन्य श्रेणी में कुल 302 प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार वितरित किए गए। समारोह में आभार डॉ. दिगम्बर सिंह ने जताया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश