भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पर काम कर रहा पशुपालन विभाग
जयपुर, 06 मार्च (हि.स.)। पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने विधानसभा में कहा कि पशुपालन विभाग भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रहा है और विभागीय स्तर पर भ्रष्टाचार के किसी भी प्रकरण में अभियोजन स्वीकृति की कार्रवाई लंबित नहीं है।
मंत्री ने बताया कि गत वर्ष भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा सीकर जिले में विभाग के तत्कालीन संयुक्त निदेशक डॉ. दीपक अग्रवाल के विरुद्ध कार्रवाई के बाद विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया। साथ ही उनके विरुद्ध 16 सीसीए के तहत नोटिस जारी कर चार्जशीट दी गई और विभागीय स्तर पर अभियोजन स्वीकृति भी प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जांच को प्रभावित होने से रोकने के लिए संबंधित कार्मिक का मुख्यालय निदेशालय जयपुर कर दिया गया है।
मंत्री जोराराम कुमावत यह जानकारी लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर दे रहे थे। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विभाग ने 39 पशु चिकित्सकों और 93 अधीनस्थ कार्मिकों को सीमावर्ती जिलों श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर में स्थानांतरित किया था। इन जिलों में विभागीय रिक्तियां अधिक होने के कारण पशुधन सुरक्षा, पशु चिकित्सा सेवाओं और प्रशासनिक दायित्वों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय किया गया था।
उन्होंने बताया कि स्थानांतरित कार्मिकों से जुड़े वाद प्रकरणों की सुनवाई वर्तमान में न्यायालय में चल रही है और विभाग द्वारा न्यायालय के आदेशों की पूरी पालना की जा रही है। न्यायालय के निर्देशों के अनुसार 9 पशु चिकित्सा अधिकारियों को उनके पूर्व पदस्थापन स्थानों पर वापस भेजा जा चुका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित