पैंथर ने घर के बाहर बंधे भैंस के पाड़े का किया शिकार, लादिया माेहल्ले में सीसीटीवी में कैद, लोगों में दहशत
अलवर , 04 अगस्त (हि.स.)। जिले में पैंथर की लगातार बढ़ती आवाजाही लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। ताज़ा मामला तालवृक्ष क्षेत्र के मानावास गांव का है, जहां मंगलवार अलसुबह एक पैंथर ने ग्रामीण शेखर धानका के घर में बंधे भैंस के पाड़े का शिकार कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद वन विभाग को सूचना दी गई, लेकिन काफी देर तक कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि पैंथर आबादी क्षेत्र तक पहुंच चुका है और घरों में छोटे-छोटे बच्चे होने के कारण हर समय डर का माहौल बना हुआ है।
घटना की सूचना मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता राकेश दायमा मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग का मौके पर नहीं पहुंचना गंभीर लापरवाही है। उनका कहना है कि यदि भविष्य में कोई बड़ा हादसा होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी।
ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार पैंथर गांव में दिखाई दे चुका है, लेकिन शिकायतों के बावजूद वन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों ने आबादी क्षेत्र में पिंजरा लगाने, लगातार निगरानी रखने और गश्त बढ़ाने की मांग की है।
इधर अलवर शहर के लादिया मोहल्ले में भी देर रात एक पेंथर दिखाई देने से लोगों में हड़कंप मच गया। एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में पैंथर गली में घूमता दिखाई देता है। उसके आते ही आसपास मौजूद कुत्ते भाग जाते हैं। इसके बाद पेंथर एक खाली पड़े मकान में घुस जाता है और कुछ देर बाद वहां से निकल जाता है।
सुबह जब स्थानीय लोगों ने फुटेज देखा तो उनके होश उड़ गए। घनी आबादी वाले इलाके में पैंथर की मौजूदगी से लोगों में भय का माहौल है।
गौरतलब है कि जुलाई माह में भी देर रात जेल चौराहा स्थित मेडिकल कॉलेज की दीवार पर एक पैंथर सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिया था। वन्यजीव जानकारों का मानना है कि सरिस्का क्षेत्र में टाइगरों की बढ़ती गतिविधियों और जंगलों में बदलते मूवमेंट के कारण पेंथर आबादी वाले इलाकों की ओर आ रहे हैं।
पैंथर की आवाजाही काे देखते हुए ग्रामीणों ने आबादी क्षेत्र में तत्काल पिंजरा लगाया जाने, वन विभाग की नियमित गश्त कराने, रात के समय निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार