अलवर गुड्स शेड से बाजरा लदान की नई शुरुआत

 


अलवर, 06 नवंबर (हि.स.)। उत्तर पश्चिम रेलवे की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट के निरंतर प्रयासों से अलवर गुड्स शेड से बाजरा लदान की नई शुरुआत का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया है। इस पहल से रेलवे के माल परिवहन व्यवसाय को बढ़ावा मिलने के साथ ही उत्तर पश्चिम रेलवे को उल्लेखनीय अतिरिक्त मालभाड़ा राजस्व प्राप्त होगा। इसके तहत एक रैक का लदान पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे रैक में लदान की प्रक्रिया जारी है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि अलवर गुड्स शेड से एक रैक तिरुप्पूर , दक्षिण रेलवे के लिए लदान किया गया है इस रैक के 42 वैगनों में 2,578.80 मिलियन टन बाजरे का लदान किश गया है जिससे लगभग 82.79 लाख रुपये का माल भाड़ा राजस्व प्राप्त होगा। इस रेक की परिवहन दूरी 2,562 किलोमीटर है। इसी प्रकार, दूसरा रैक अलवर से क्याटसांद्रा गुड्स टर्मिनल , दक्षिण पश्चिम रेलवे के लिए लोड किया जा रहा है। इससे लगभग 80.46 लाख रुपये का माल भाड़ा राजस्व प्राप्त होगा। इसकी परिवहन दूरी 2,323 किलोमीटर है।

उत्तर पश्चिम रेलव द्वारा इस माल यातायात को और बढ़ावा देने के लिए दक्षिण भारत के विभिन्न गंतव्यों जैसे तिरुप्पुर एवं क्याटसांद्रा सहित अन्य स्थानों के लिए लगभग 10 से 12 अतिरिक्त रैक लदान की योजना बनाई गई है। इनमें से 3 से 4 अतिरिक्त रैक का लदान इसी माह किए जाने की संभावना है।

अलवर गुड्स शेड से नए माल यातायात की शुरुआत उत्तर पश्चिम रेलवे के बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट के प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।माल परिवहन को प्रोत्साहित करने, नए ग्राहकों को रेलवे से जोड़ने तथा गैर-पारंपरिक माल यातायात के नए अवसर विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। इससे न केवल रेलवे के माल भाड़ा राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि क्षेत्र के व्यापारियों को भी अपने उत्पादों के परिवहन के लिए रेल सुविधा का बेहतर विकल्प उपलब्ध होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव