अजमेर नगर निगम के नए बोर्ड ने संभाला कामकाज, कांग्रेस पार्षदों का गेट पर प्रदर्शन
अजमेर, 24 सितंबर (हि.स.)। अजमेर नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर अनामिका शर्मा और उपमहापौर हेमंत सांखला ने गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पदभार ग्रहण किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, विधायक अनिता भदेल और देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना सहित भाजपा के कई नेता मौजूद रहे।
पदभार ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षदों को निगम परिसर में प्रवेश नहीं दिए जाने के विरोध में उन्होंने मुख्य द्वार पर धरना दिया। कांग्रेस पार्षदों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष द्रौपदी कोली और उपमहापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे नौरत गुर्जर ने किया।
नौरत गुर्जर ने आरोप लगाया कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें निगम में प्रवेश नहीं करने दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
महापौर अनामिका शर्मा ने कहा कि महापौर का पद जिम्मेदारी के साथ अजमेरवासियों की सेवा का अवसर है। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को परिवार मानकर पूरी निष्ठा से काम करेंगी।
उपमहापौर हेमंत सांखला ने कहा कि 80 वार्डों के सभी पार्षदों को साथ लेकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा का बोर्ड होने के बावजूद किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी के सहयोग से अजमेर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने का प्रयास होगा।
उपमहापौर सांखला मंगलवार को हुए चुनाव में कांग्रेस के नौरत गुर्जर के बराबर 40-40 मत मिलने के बाद लॉटरी के जरिए निर्वाचित हुए थे।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब सभी जनप्रतिनिधियों को कंधे से कंधा मिलाकर अजमेर के विकास के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से भी विकास कार्यों में सहयोग का आह्वान किया।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने महापौर और उपमहापौर को बधाई देते हुए अजमेर को राजस्थान के साथ देश के उत्कृष्ट और विकसित शहरों में शामिल करने की दिशा में काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री के रूप में अजमेर के विकास के लिए पूरा सहयोग किया जाएगा।
कांग्रेस की महापौर प्रत्याशी किरण गढ़वाल और उपमहापौर प्रत्याशी नौरत गुर्जर ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर खरीद-फरोख्त, धनबल और बाहुबल के आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा के पास 32 पार्षद होने के बावजूद महापौर चुनाव में बहुमत जुटाया गया। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में इस कॉपी में कोई स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
अजमेर नगर निगम में महापौर चुनाव में भाजपा की अनामिका शर्मा को 43 और कांग्रेस की किरण गढ़वाल को 37 मत मिले थे। चुनाव से पहले कांग्रेस के 37, भाजपा के 32 और निर्दलीय 11 पार्षद थे।
कांग्रेस नेताओं ने उपमहापौर चुनाव में बराबर मत आने के बाद पर्ची से हुए निर्णय पर भी सवाल उठाए और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की। डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा कि निर्वाचित पार्षदों को निगम भवन में प्रवेश से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है।
कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी आरोप लगाए और सभी निर्वाचित पार्षदों के लिए निगम में समान एवं निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष