अजमेर में नाबालिग बच्ची के सौदागरों पर शासन का कड़ा प्रहार: अफसाना और आफरीन के अवैध आशियानों पर चला हथोड़ा
अजमेर, 27 जुलाई(हि.स.)। 'महिला एवं बाल अपराध मुक्त राजस्थान' की नीति और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के तहत सोमवार को अजमेर पुलिस और नगर निगम प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। दरगाह थाना क्षेत्र में एक मासूम नाबालिग बच्ची को मात्र 32 हजार रुपये में बेचने के जघन्य अपराध में लिप्त मुख्य आरोपियों के अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों को प्रशासन ने पूरी तरह जमींदोज कर दिया।
मामले की जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि थाना दरगाह में दर्ज प्रकरण संख्या 104/2026 के तहत गठित संगठित गिरोह के सदस्यों को पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका था। इसके उपरांत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के अंतर्गत सख्त कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए आरोपियों की चल और अचल संपत्तियों का संपूर्ण रिकॉर्ड खंगाला गया। जांच में सामने आई अवैध अर्जित संपत्तियों,अतिक्रमणों और अनधिकृत निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम भारी मशीनरियों और जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची।
दो मुख्य महिला अपराधियों के अवैध आशियाने ढाहे........
इस घिनौने व्यापार की मुख्य सूत्रधार दो महिला आरोपियों—अफसाना उर्फ बिजली तथा आफरीन उर्फ नूरजहां—द्वारा अवैध रूप से कब्जाई गई भूमियों और निर्मित अचल संपत्तियों को चिन्हित कर ध्वस्त करने की प्रक्रिया सुबह से ही प्रारंभ कर दी गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित विभागों के समन्वय से शहर भर में आरोपियों के किसी भी अन्य अवैध कब्जे या निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा।
कार्रवाई के दौरान दरगाह थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में किसी भी संभावित विरोध अथवा कानून-व्यवस्था के संकट से निपटने के लिए अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। दरगाह डिप्टी लक्ष्मणराम और दरगाह थानाधिकारी दिनेश जीवनानी, गंज थाना प्रभारी नरेन्द्र सिंह सहित चार थानों का भारी पुलिस बल,और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पूरी मुस्तैदी से डटे रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष