अमूल भगाओ-सरस बचाओ' के नारे से 23 अगस्त को गूंजेगा अजमेर

 


अजमेर, 21 अगस्त(हि.स.) राजस्थान में अमूल के विस्तार के विरोध और सरस डेयरी की सहकारी व्यवस्था को बचाने की मांग को लेकर अजमेर में रविवार, 23 अगस्त को तबीजी फार्म के पास कच्छावा गार्डन में सुबह 11 बजे 'सरस सहकार महाकुंभ' आयोजित होगा। अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने बताया कि इस महाकुंभ में प्रदेशभर से करीब 25 हजार पशुपालक और दुग्ध उत्पादक शामिल होंगे।

महाकुंभ की मुख्य थीम 'अमूल भगाओ-सरस बचाओ' रखी गई है। कार्यक्रम में प्रदेश के 15 जिला दुग्ध संघों के अध्यक्ष, सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत अन्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल होंगे। अजमेर सरस डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने कहा कि अमूल के राजस्थान में विस्तार से सरस डेयरी, दुग्ध समितियों और लाखों पशुपालकों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव पर महाकुंभ में मंथन किया जाएगा और आगे की रणनीति तय होगी।

मुख्यमंत्री से अमूल के विस्तार पर रोक की मांग : चौधरी ने अमूल के उत्पादों में प्रिजर्वेटिव का आरोप लगाते हुए कहा कि यह स्वास्थ्य की दृष्टि से उचित नहीं है। अमूल के उत्पाद बड़ी मात्रा में बाजार में पहुंचते हैं ऐसे में एक्सपायरी के नजदीक पहुंच चुके उत्पादों के बाजार में आने की आशंका बनी रहती है। इसको देखते हुए ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से राजस्थान में अमूल के विस्तार को अनुमति नहीं देने की मांग की है। उनका कहना है कि सरस केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों गांवों के पशुपालकों और लाखों परिवारों की आजीविका से जुड़ी सहकारी व्यवस्था है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर जंतर-मंतर पर धरना देने और न्यायालय की शरण लेने की बात भी कही गई है।

तेरह हजार दुग्ध समितियों पर संकट का अंदेशा......

रामचंद्र चौधरी ने अंदेशा किया कि अमूल के प्रदेश में आगमन से राजस्थान की करीब 13 हजार दुग्ध समितियां प्रभावित होकर समाप्त होने की स्थिति में आ सकती है। इससे लाखों लोगों की आजीविका पर असर पढ़ने की आशंका रहेगी।

करोड़ के बकाया भुगतान की भी मांग.......

महाकुंभ में सरस जिला संघों के करीब 300 से 400 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान का मुद्दा भी उठाया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि पशुपालकों, दुग्ध समितियों और स्थानीय सहकारी ढांचे के हितों को प्राथमिकता देते हुए सरकार को लंबित भुगतान जल्द जारी करना चाहिए। अजमेर में होने वाला यह महाकुंभ राजस्थान की सहकारी दुग्ध व्यवस्था और अमूल के बढ़ते विस्तार के बीच टकराव को लेकर एक बड़ा राजनीतिक एवं सहकारी मंच बनता दिखाई दे रहा है। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल और पूर्व विधायक डॉक्टर श्रीगोपाल बाहेती ने कहा कि अमूल की प्रदेश एंट्री होने से गरीब तबके के पशुपालक काफी प्रभावित होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष