धनतेरस पर अजमेर के बाजारों में रौनक, करोड़ों का कारोबार

 


अजमेर, 06 नवंबर (हि.स.)। धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दीपोत्सव पर्व का आगाज हो गया। शुक्रवार को धनतेरस पर अजमेर के बाजारों में सुबह से ही खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। सोने-चांदी के आभूषणों, बर्तनों, वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कपड़ों की दुकानों पर दिनभर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। बाजारों में करोड़ों रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। दीपावली की तैयारियों के बीच शहर में उत्सव और उल्लास का माहौल नजर आया।

शहर के मदार गेट, पुरानी मंडी, डिग्गी बाजार, नया बाजार, कचहरी रोड और स्टेशन रोड सहित प्रमुख बाजारों में दिनभर चहल-पहल रही। व्यापारियों ने दुकानों को आकर्षक रोशनी, फूलों और सजावटी सामान से सजाया है। नगर निगम की ओर से भी प्रमुख चौराहों और बाजारों में सजावट करवाई गई है। इससे शहर दीपावली के रंग में रंगा नजर आ रहा है।

धनतेरस पर खरीदारी के लिए वाहन शोरूम, ज्वेलरी दुकानों, इलेक्ट्रॉनिक प्रतिष्ठानों, मॉल, कपड़ा शोरूम और बर्तन बाजार में विशेष तैयारियां की गई थीं। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रतिष्ठानों की ओर से छूट और विशेष ऑफर भी दिए जा रहे हैं। ज्वेलरी दुकानों पर सोने-चांदी के सिक्कों, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों और आभूषणों की मांग रही। वहीं, बर्तन बाजार में भी ग्राहकों की भीड़ नजर आई। इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और मोबाइल की खरीदारी हुई। वाहन शोरूम में बुकिंग के साथ वाहनों की डिलीवरी का सिलसिला जारी रहा।

बाजारों में स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी को लेकर भी लोगों में उत्साह दिखाई दिया। छोटे दुकानदारों के प्रतिष्ठानों पर भी ग्राहक पहुंचे। इसके अलावा मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, पटाखों, उपहार सामग्री, सजावटी लाइटों, रंगोली, दीपक और पूजा सामग्री की दुकानों पर भी रौनक रही। बच्चों में पटाखों की खरीदारी को लेकर उत्साह दिखा, जबकि परिवारों ने मिठाइयों और उपहारों की खरीदारी की।

धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन खरीदी गई वस्तुओं को शुभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

कल रूप चौदस, रविवार को दीपावली

धनतेरस के अगले दिन शनिवार को रूप चौदस मनाई जाएगी। इस दिन लोग सुबह जल्दी उठकर उबटन और स्नान के साथ परंपरागत रूप से पर्व मनाएंगे। इसके अगले दिन रविवार को दीपावली का महापर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर घरों और प्रतिष्ठानों में माता लक्ष्मी की पूजा होगी। घरों को दीपकों, मोमबत्तियों और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया जाएगा। शाम को आतिशबाजी और मिठाइयों के आदान-प्रदान के साथ दीपावली की खुशियां मनाई जाएंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष