असम विमान हादसे में शहीद अग्निवीर खेमाराम कुमावत को नम आंखों से अंतिम विदाई, हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि
नागौर, 15 जून (हि.स.)। असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना के एएन-32 विमान हादसे में शहीद हुए अग्निवीर वायु सैनिक खेमाराम कुमावत (22) का सोमवार शाम उनके पैतृक गांव पांचोता में पूरे सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के छोटे भाई गोविंदराम ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
शहीद की पार्थिव देह सोमवार सुबह जयपुर एयरपोर्ट पहुंची, जहां विधि मंत्री जोगाराम पटेल, जयपुर सांसद मंजू शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव पांचोता ले जाया गया।
नावां के सांभर चौराहे से पांचोता तक करीब 5 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों लोग हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। पूरे मार्ग में भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से वातावरण गूंज उठा।
पांचोता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शहीद की पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। अंतिम दर्शन के दौरान शहीद की मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जिससे माहौल गमगीन हो उठा।
वायुसेना के जवानों ने श्मशान स्थल पर शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
इसके बाद छोटे भाई गोविंदराम ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। वायुसेना अधिकारियों ने शहीद के पिता रामदेव कुमावत और परिवारजनों को तिरंगा सौंपकर राष्ट्र की ओर से सम्मान प्रकट किया।
गौरतलब है कि 13 जून को असम के जोरहाट स्थित रौरिया एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान भारतीय वायुसेना का एएन-32 परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में अग्निवीर वायु सैनिक खेमाराम कुमावत सहित पायलट और तीन अन्य जवान शहीद हो गए थे।
शहीद के पिता रामदेव कुमावत ने कहा कि बेटे को खोने का दुख जीवनभर रहेगा, लेकिन उन्हें इस बात का गर्व है कि उनका बेटा मातृभूमि की सेवा करते हुए शहीद हुआ। वहीं परिजनों और ग्रामीणों ने शहीद के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उनकी स्मृति को सदैव जीवित रखने का संकल्प लिया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित