प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में समावेशी प्रगति के नये आयाम हो रहे स्थापित

 


जयपुर, 05 मई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास, सबका विश्वास’ की भावना से प्रेरित समावेशी प्रगति की योजनाओं ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में नये आयाम स्थापित किए हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) गांवों में बेघर और जरूरतमंद परिवारों का पक्के घर का सपना साकार करने में अहम भूमिका निभा रही है। राजस्थान में योजना के अंतर्गत अब तक 19 लाख से अधिक पक्के मकानों का निर्माण हो चुका है।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रदेश को पीएमएवाई-जी के अन्तर्गत 24 लाख 97 हजार 121 पक्के मकानों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया था। इनमें से 24 लाख 32 हजार 445 मकानों की स्वीकृति दी जा चुकी है और 19 लाख 46 हजार 884 मकानों का निर्माण भी हो चुका है।

योजना के अन्तर्गत केन्द्र सरकार की ओर से 3 हजार 283 करोड़ रूपये से अधिक का ऐतिहासिक बजट आवंटन भी किया गया है। वहीं, गत 3 वित्तीय वर्षों में मकानों के निर्माण के लिए प्रदेश को 2 हजार 771 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई है। जिसमें से 1 हजार 641 करोड़ रूपये की सर्वाधिक राशि वर्ष 2025-26 में ही जारी हुई।

पीएमएवाई-जी योजना बेघर और जरूरतमंद ग्रामीणों को सस्ते आवास के लिए सहायता उपलब्ध करवाती है। यह योजना निर्धनता और सामाजिक-आर्थिक असमानता में लगातार कमी लाने के साथ ही, बुनियादी सेवाओं की पहुंच में निरन्तर सुधार कर रही है। योजना के अन्तर्गत वर्ष 2029 तक सभी के लिए घर का लक्ष्य हासिल करना है। जिसके अनुरूप वर्ष 2016-17 में 15 हजार करोड़ के बजटीय आवंटन को बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में 54 हजार 916 करोड़ रुपये निर्धारित गया है।

इसी प्रकार, ग्रामीण क्षेत्रों की समावेशी प्रगति के उद्देश्य के दृष्टिगत केंद्रीय बजट 2026-27 में ग्रामीण विकास के लिए बजट आवंटन में पिछले एक दशक में 211 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि की गई है। 2016-17 में यह आवंटन 87 हजार 765 करोड़ रुपए था जो 2026-27 में बढ़ कर 2 लाख 73 हजार 108 करोड़ रुपए हो गया है। ये आंकड़े ग्रामीण अवसंरचना, आजीविकाओं और स्थानीय संस्थाओं की क्षमता को मजबूत करने के लिए निरंतर वित्तीय प्रतिबद्धता का संकेत हैं।

उल्लेखनीय है कि देश के ग्रामीण क्षेत्रों में ‘सभी के लिए आवास’ के उद्देश्य से पीएमएवाई-जी क्रियान्वित की जा रही है। इस योजना का लक्ष्य बुनियादी सुविधायुक्त पक्के घरों के निर्माण के लिए बेघर और जीर्ण-क्षीर्ण मकानों में रहने वाले पात्र ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत प्रदेश में मकानों के निर्माण के लिए पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता देते हुए उनके खातों में राशि का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण किया जाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर