आमजन को बेहतर सेवाओं के लिए प्रक्रियाएं सरल और प्रभावी बनाएं : मुख्य सचिव
जयपुर, 11 अगस्त (हि.स.)। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि शासन की प्रक्रियाओं का उद्देश्य आमजन को सुविधा देना है, इसलिए सरकारी प्रक्रियाओं को सरल, प्रभावी और नागरिकों के लिए सुगम बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को जन-अभियोगों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के साथ नागरिक संतुष्टि बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव मंगलवार को शासन सचिवालय में आयोजित कमेटी ऑफ सेक्रेटरीज की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में ‘रिफॉर्म उत्सव’, केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की वित्तीय प्रगति, हर घर तिरंगा अभियान-2026, राजस्थान सम्पर्क 181 के जरिए जन-अभियोगों के निस्तारण और मिशन हरियालो राजस्थान सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आयोजित ‘रिफॉर्म उत्सव’ जनभागीदारी के माध्यम से शासन व्यवस्था में सुधार की महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत आमजन के अनुभवों और सुझावों के आधार पर ऐसी प्रक्रियाओं में बदलाव किया जाएगा, जिनसे बड़ी संख्या में नागरिकों को सीधा लाभ मिले और सरकारी सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान हो।
उन्होंने बताया कि ‘जन मंथन, विमर्श और जन समाधान’ की चरणबद्ध प्रक्रिया के जरिए नागरिकों से प्राप्त सुझावों को व्यावहारिक सुधारों में बदला जाएगा। राज्य की कार्ययोजना 10 सितंबर तक तैयार की जाएगी, 11 सितंबर से जन-जागरूकता अभियान शुरू होगा और 2 अक्टूबर को प्रदेश की प्रत्येक पंचायत में ‘जन मंथन सभा’ आयोजित की जाएगी।
योजना विभाग को रिफॉर्म उत्सव का नोडल विभाग बनाया गया है। मुख्य सचिव ने युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने तथा सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए एकल आवेदन प्रपत्र (सिंगल फॉर्म) विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि हर घर तिरंगा अभियान-2026 के तहत 9 अगस्त को प्रदेश में 12,609 प्रभात फेरियां निकाली गईं, जिनमें 11.20 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। वहीं 10 अगस्त को 12,917 तिरंगा रैलियों में 9.84 लाख से अधिक लोग शामिल हुए। इस तरह केवल दो दिनों में 21 लाख से ज्यादा लोगों की भागीदारी रही। अभियान के पोर्टल पर 40 हजार से अधिक सेल्फी भी अपलोड की जा चुकी हैं।
मुख्य सचिव ने 13 और 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस से जुड़े कार्यक्रम गरिमापूर्ण तरीके से आयोजित करने तथा ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर होने वाली गतिविधियों को भी व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने के निर्देश दिए।
मिशन हरियालो राजस्थान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2026-27 में प्रदेश में 10.81 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले 10 अगस्त तक करीब 4.85 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। मुख्य सचिव ने कम प्रगति वाले विभागों और जिलों में पौधरोपण अभियान को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और सत्यापन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
राजस्थान सम्पर्क 181 की समीक्षा में सामने आया कि 1 फरवरी से 31 जुलाई 2026 के बीच 24.64 लाख से अधिक जन-अभियोग दर्ज हुए। बैकलॉग सहित इस अवधि में 25.04 लाख से अधिक प्रकरणों का निस्तारण किया गया। नागरिक संतुष्टि का स्तर 63.16 प्रतिशत से बढ़कर 67.29 प्रतिशत हुआ है, जबकि शिकायतों के निस्तारण की औसत अवधि 15 दिन से घटकर 13 दिन रह गई है। नागरिक सुविधाओं से संबंधित शिकायतों में संतुष्टि का स्तर 74.75 प्रतिशत रहा।
मुख्य सचिव ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए, बल्कि आमजन को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने बिजली, पानी, सड़क और स्वच्छता से संबंधित शिकायतों की भावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की वित्तीय प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित केंद्रीय स्वीकृतियां जल्द प्राप्त करने, उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय पर भेजने और केन्द्र से स्वीकृति मिलने के बाद राज्यांश शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं की वित्तीय और भौतिक प्रगति नियमित रूप से अपडेट करने तथा सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों का सही एवं प्रभावी संप्रेषण सुनिश्चित करने कहा।
उन्होंने सभी विभागों को बैठक में लिए गए निर्णयों और निर्देशों की समयबद्ध क्रियान्विति सुनिश्चित करने के साथ योजनाओं और सरकारी सेवाओं का लाभ आमजन तक आसानी से पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित