एडीजी सुहास ने किया चित्तौड़गढ़ जिले का वार्षिक निरीक्षण, अपराध नियंत्रण के दिए निर्देश, डेमो देखा
चित्तौड़गढ़, 19 जून (हि.स.)। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (प्रशिक्षण) राघवेंद्र सुहास दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण के लिए चित्तौड़गढ़ पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिस लाइन में परेड की सलामी ली, संपर्क सभा की, अपराध गोष्ठी आयोजित की और नाकाबंदी व जघन्य अपराध की विवेचना का डेमो देखा। संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने व पुलिस कार्य प्रणाली को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार गुरुवार को एडीजी ट्रेनिंग राघवेंद्र सुहास के पुलिस लाइन पहुंचने पर एसपी धर्मेंद्र सिंह ने पुलिस अधिकारियों के साथ उनका स्वागत किया। दौरे के पहले दिन एडीजी सुहास ने सबसे पहले जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संपर्क सभा ली। उन्होंने जवानों की सेवा संबंधी व व्यक्तिगत समस्याओं को गंभीरता से सुना। स्थानीय स्तर पर समाधान संभव समस्याओं के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। शेष मामलों का पुलिस मुख्यालय व राज्य सरकार स्तर पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। निरीक्षण के दौरान एडिशनल एसपी मुकुल शर्मा, भगवत सिंह, जिले के समस्त वृत्ताधिकारी, थानाधिकारी एवं कार्यालय स्टाफ मौजूद रहे। बड़ा खाना आयोजित कर एडीजी ने जवानों के साथ भोजन भी किया।
संपर्क सभा के बोले, पुलिसकर्मियों का मनोबल सर्वोच्च प्राथमिकता
संपर्क सभा में एडीजी ने कहा कि पुलिसकर्मियों का कल्याण, उनकी कार्य क्षमता एवं जनसेवा की भावना को मजबूत करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने सभी से पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी व संवेदनशीलता से कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया। इसके बाद जिले के समस्त अधिकारियों से परिचय कर कानून-व्यवस्था व अपराध की स्थिति की समीक्षा की।
अपराध गोष्ठी में दिए सख्त निर्देश
एडिशनल एसपी, समस्त वृत्ताधिकारियों एवं थानाधिकारियों की अपराध गोष्ठी में एडीजी ने निर्देश दिए कि संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। गैंगवार, अवैध हथियार, मादक पदार्थ तस्करी, आदतन एवं हार्डकोर अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आमजन में सुरक्षा एवं कानून के प्रति विश्वास बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण व तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।
एसपी कार्यालय का किया निरीक्षण
एडीजी ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण भी किया। विभिन्न शाखाओं का भ्रमण कर कार्य प्रणाली, अभिलेख संधारण व लंबित कार्यों का अवलोकन किया। शाखा प्रभारियों को रिकॉर्ड अद्यतन रखने, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने व कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।
परेड, नाकाबंदी व विवेचना का डेमो देखा
शुक्रवार को एसपी धर्मेंद्रसिंह के नेतृत्व में छह प्लाटून की परेड की सलामी ली। एएसपी मुकुल शर्मा, डीएसपी बृजेश सिंह, मनीष शर्मा, अंजली सिंह, मुकेश व अनिल पांडे ने प्लाटून कमांडर की भूमिका निभाई। एडीजी ने जवानों के अनुशासन व समन्वय की सराहना की। इसके बाद डीएसपी भदेसर विनोद कुमार के नेतृत्व में मादक पदार्थ तस्करों की धरपकड़ के लिए नाकाबंदी व तलाशी का डेमो प्रस्तुत किया गया। डीएसपी शिवप्रकाश के नेतृत्व में अज्ञात महिला से दुष्कर्म कर हत्या जैसी जघन्य घटना के अनावरण, घटनास्थल संरक्षण, साक्ष्य संकलन व वैज्ञानिक अनुसंधान का डेमो भी दिखाया गया। एडीजी सुहास ने पुलिस की तैयारी, अनुशासन और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल