गोविंद देवजी मंदिर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर होगा व्यसन मुक्ति महायज्ञ

 


जयपुर, 29 मई (हि.स.)। विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई को गोविंद देवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी महाराज के सान्निध्य में सुबह आठ से दस बजे तक एक युद्ध: तंबाकू के विरुद्ध कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर निशुल्क पंच कुंडीय व्यसन मुक्ति गायत्री महायज्ञ का आयोजन भी किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन गायत्री परिवार, जयपुर की आरे से युग तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में नशा मुक्ति के क्षेत्र में कार्य कर रहे संगठनों के साथ मिलकर किया जाएगा। रहा है। गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओम प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को तंबाकू एवं अन्य नशों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा स्वस्थ, संयमित एवं संस्कारित जीवन शैली के प्रति जागरूकता फैलाना है।

महायज्ञ में श्रद्धालुओं एवं आमजन को यज्ञ में आहुतियां अर्पित करने का अवसर मिलेगा। यज्ञ के लिए किसी भी प्रकार की सामग्री लाने की आवश्यकता नहीं होगी।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत शांति कुंज हरिद्वार के देव संस्कृति विश्व विद्यालय की ओर से तैयार कराई गई नशा मुक्ति प्रदर्शनी लगाई जाएगी। नशा मुक्ति गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। नशा मुक्त भारत बनाने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। नशा मुक्ति संकल्प समारोह भी होगा।

राजस्थान नशा मुक्ति समिति के सचिव धर्मवीर कटेवा ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2026 के लिए भ्रामक अपील का पर्दाफाश — निकोटीन और तंबाकू की लत से निपटने के लिए कार्रवाई विषय निर्धारित किया है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को लक्षित करने वाली ई-सिगरेट एवं नई निकोटीन उत्पादों की विपणन रणनीतियों के प्रति जागरूक करना है। कटेवा ने बताया कि पूरे विश्व में प्रतिवर्ष 80 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु तंबाकू जनित बीमारियों के कारण होती है, जिनमें लगभग 13 लाख मौतें निष्क्रिय धूम्रपान के कारण होती हैं। तंबाकू का सेवन फेफड़ों, मुंह, गले, आहार नलिका, यकृत, पेट, पैनक्रियाज, आंतों तथा गर्भाशय ग्रीवा सहित अनेक प्रकार के कैंसर का प्रमुख कारण है। तंबाकू उत्पादों में पाए जाने वाले हजारों हानिकारक रसायन डीएनए को क्षति पहुंचाते हैं, जिससे कैंसर और हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है। तंबाकू के कारण देश में प्रतिदिन लगभग 3500 लोगों की मृत्यु हो रही है। भारत में प्रतिवर्ष लगभग 13 लाख तथा राजस्थान में करीब 77 हजार लोग तंबाकू जनित बीमारियों के कारण अकाल मृत्यु का शिकार हो रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार तंबाकू सेवन करने वाला प्रत्येक दूसरा व्यक्ति समय से पहले मृत्यु का शिकार होता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश