छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर एबीवीपी का प्रदर्शन

 


जोधपुर, 06 अगस्त (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी आह्वान पर गुरुवार को जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान परिषद कार्यकर्ताओं ने छात्रसंघ चुनाव शीघ्र कराने की मांग उठाते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ता और छात्र कार्यालय के प्रवेश द्वार पर चढ़ गए। उन्होंने वहां रास्ताजाम भी किया। इसके बाद आक्रोशित कार्यकर्ता जबरन परिसर के अंदर दाखिल हो गए और काफी देर तक नारेबाजी करते रहे।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार को बंद कर दिया, जिससे कार्यालय के अंदर मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और अन्य लोग बाहर नहीं जा पाए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जब गेट खुलवाने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मियों और छात्रों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई।

धक्का-मुक्की के बाद एबीवीपी कार्यकर्ता वहीं मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए और विश्वविद्यालय के कुलगुरु को मौके पर बुलाकर उनसे ही बातचीत करने की मांग पर अड़ गए। इस दौरान जब विश्वविद्यालय के कार्यवाहक रजिस्ट्रार छात्रों से समझाइश और बातचीत करने के लिए पहुंचे, तो प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने उनसे बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कार्यालय के बाहर रास्ताजाम भी किया।

एबीवीपी के पदाधिकारियों ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और लंबे समय से चुनाव नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर नहीं मिल रहा है। उन्होंने सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन से शीघ्र छात्रसंघ चुनाव की घोषणा करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान जीवन सिंह उदावत सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। पुलिस बल भी एहतियात के तौर पर केंद्रीय कार्यालय परिसर में तैनात रहा।

एबीवीपी की प्रमुख मांग छात्रसंघ चुनावों की शीघ्र बहाली की है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में समान अकादमिक कैलेंडर लागू कर प्रवेश, शिक्षण, परीक्षा, मूल एवं परिणाम निर्धारित समयसीमा में सम्पन्न करने, विश्वविद्यालयों में रिक्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों पर नियमित नियुक्तियां करने, प्रदेश के समस्त राजकीय महाविद्यालयों में नियमित प्राचार्यों की नियुक्ति करने और प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा के स्वतंत्र विभाग स्थापित कर विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियमित नियुक्ति करने की भी मांग है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश