10 साल में एक बार खिलने वाला दुर्लभ शंख पुष्प का पुष्प सावन सोमवार पर महादेव को अर्पित
चित्तौड़गढ़, 03 अगस्त (हि.स.)। शहर में हजारेश्वर महादेव मंदिर के निकट स्थित एक खेत में दुर्लभ शंख पुष्प का पुष्प खिला है। मान्यता है कि एक पौधे पर यह पुष्प 10 साल में एक बार ही खिलता है। इस बार यह पुष्प सावन के पहले सोमवार को ही खिला तो किसान कन्हैयालाल माली के चेहरे पर प्रसन्नता खिल गई। साथ ही यह पुष्प हज़ारेश्वर महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार को भेंट किया।
चित्तौड़गढ़ के पावटा चौक निवासी कन्हैयालाल माली ने बताया कि यह दुर्लभ पौधा उसके खेत पर लगा हुआ है। उसके पिता ने काफी वर्षों पहले कहीं से यह पौधा लाकर लगाया था। एक पौधे से अब करीब 10 पौधे हो गए हैं। इस बार एक पौधे पर पुष्प सोमवार को ही खिला। ऐसे में उन्होंने इसे महादेव को भेंट करने का निर्णय लिया।इसके बारे में मंदिर श्री महंत और आचार्य को जानकारी दी। सोमवार को हजारेश्वर महादेव मंदिर में दिन भर अभिषेक के बाद शाम की आरती से पहले आचार्य श्रवण सामवेदी और शिव माली दोनों ही कन्हैयालाल माली के खेत पहुंचे और पुष्प प्राप्त किया। बाद में यह पुष्प हजारेश्वर महादेव मंदिर के श्री महंत चंद्रभारती महाराज को सौंपा गया। श्रीमहंत ने विधि-विधान से मंत्रोच्चार के साथ यह पुष्प महादेव को अर्पित किया।
किसान कन्हैयालाल माली ने बताया, वर्षों में एक बार ही इस पौधे पर पुष्प आता है। यह शंख के आकार का होता है। हमने इसे कभी बेचा नहीं। लोग इसे दुर्लभ पुष्प बताते हैं। पहले भी पुष्प खिले तो सांवलियाजी मंदिर, कालिका माता मंदिर और उज्जैन के महाकाल मंदिर में भेंट किया था। इस बार यह पुष्प पहली बार सावन सोमवार को ही खिला है, इसलिए इसे हजारेश्वर महादेव को अर्पित किया है। पुष्प खिलते ही मंदिर के आचार्य को सूचना दी थी।
इधर, हजारेश्वर महादेव मंदिर के श्री महंत चंद्रभारती महाराज ने बताया कि यह शंख पुष्पी का पुष्प है। यह दक्षिणवर्ती शंख के आकार का है। भगवान विष्णु को यह काफी प्रिय है। भगवान विष्णु और महादेव दोनों को इसे चढ़ाना शुभ माना जाता है। सावन सोमवार को भोलेनाथ को यह पुष्प चढ़ाना और भी शुभ है। भोलेनाथ को पुष्प अर्पित करने के बाद महा आरती की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल