राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर पैनल चर्चा
अजमेर, 13 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ विषय पर एक महत्वपूर्ण पैनल चर्चा का आयोजन कुलपति प्रो. आनंद भालेराव के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की विदुषी वक्ताओं ने भाग लेते हुए महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए।
कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने अपने संदेश में कहा कि यह अधिनियम केवल एक विधिक प्रावधान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक समावेशिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं को निर्णय-निर्माण की मुख्यधारा में स्थान मिलने से विकास अधिक संवेदनशील और संतुलित होगा।मुख्य वक्ता डॉ. मधु शर्मा ने नारी शक्ति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाएं विपरीत परिस्थितियों में भी समाज के लिए सार्थक योगदान देने में सक्षम हैं। उन्होंने महिलाओं से परिवार और लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।डॉ. मधु खंडेलवाल ने अधिनियम के विधिक पहलुओं को स्पष्ट करते हुए बताया कि यह 106वें संविधान संशोधन के तहत लागू किया गया है, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परिसीमन और जनगणना की प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है।डॉ. निमिषा गौड़ ने इस अधिनियम को दो-तिहाई बहुमत से पारित होने के कारण इसकी व्यापक स्वीकार्यता का प्रतीक बताया। वहीं डॉ. भूमिका शर्मा ने इसे लंबे संघर्ष के बाद मिली महत्वपूर्ण शुरुआत बताते हुए महिलाओं की सामूहिक शक्ति को पहचानने पर जोर दिया।डॉ. शैज़ी अहमद ने कहा कि व्यक्तित्व विकास के लिए आत्मविश्वास और स्वयं के लिए खड़े होने का साहस सबसे महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने भी सक्रिय भागीदारी करते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की महिला कर्मियों, छात्राओं, केंद्रीय विद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थानों की महिलाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। केंद्रीय विद्यालय की 10वीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता कर कार्यक्रम को समृद्ध बनाया।कार्यक्रम का संचालन डॉ. गरिमा कौशिक और डॉ. रीना गोदारा ने किया, जबकि महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा डॉ. प्रगति जैन ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। अंत में डॉ. प्रेमी देवी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष