जयपुर में पहली बार जुटेंगे देश-विदेश के 500 से अधिक ऊर्जा विशेषज्ञ, बिजली वितरण व्यवस्था के भविष्य पर होगा मंथन
जयपुर, 26 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान पहली बार देश के विद्युत वितरण क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। जयपुर में 27 और 28 अक्टूबर को दसवीं राष्ट्रीय विद्युत वितरण निगम कांफ्रेंस के तहत ‘डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट-2026’ आयोजित होगी। इसमें देश-विदेश के 500 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेकर बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सक्षम, सुरक्षित और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा करेंगे।
इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम और राज्य सरकार के ऊर्जा विभाग की सहभागिता से आयोजित इस सम्मेलन का उद्घाटन मंगलवार सुबह 10 बजे एक होटल में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास करेंगे। सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के ऊर्जा विभागों, विद्युत वितरण कंपनियों, नियामक आयोगों तथा तकनीकी संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल होंगे।
दो दिवसीय सम्मेलन में सात सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें बिजली वितरण कंपनियों की आर्थिक स्थिति सुधारने, वितरण व्यवस्था में तकनीकी नवाचार अपनाने, डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग तथा स्मार्ट ग्रिड के आधुनिकीकरण जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
बढ़ती बिजली मांग के बीच उपभोक्ताओं को निर्बाध और विश्वसनीय आपूर्ति उपलब्ध कराना भी सम्मेलन का प्रमुख विषय रहेगा। इसके साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग, ऊर्जा भंडारण, शून्य कार्बन उत्सर्जन की दिशा में प्रयासों और बिजली वितरण तंत्र के स्मार्ट प्रबंधन पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
सम्मेलन में स्मार्ट मीटर से मिलने वाले आंकड़ों के विश्लेषण, डिजिटल तकनीक के जरिए बिजली वितरण में सुधार और साइबर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। डेटा सेंटरों और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार से बिजली की मांग में होने वाली संभावित वृद्धि का प्रबंधन भी चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल है।
सम्मेलन में भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, विभिन्न राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों और केंद्रीय एवं राज्य विद्युत नियामक आयोगों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके अलावा अमेरिका, यूरोप, दक्षिण कोरिया और जापान से भी ऊर्जा क्षेत्र के तकनीकी विशेषज्ञों तथा संबंधित पक्षों को आमंत्रित किया गया है।
आयोजन की थीम ‘सहयोगी विकास के लिए विद्युत वितरण निगमों का एकीकरण’ रखी गई है। इसका उद्देश्य बिजली वितरण क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों और संस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाना तथा साझा अनुभवों के आधार पर समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तलाशना है।
सम्मेलन के पहले दिन उद्घाटन समारोह के बाद तीन महत्वपूर्ण सत्र आयोजित होंगे। इनमें बिजली वितरण कंपनियों के वित्तीय रूपांतरण, वितरण क्षेत्र में डिजिटल तकनीक की बढ़ती भूमिका तथा स्मार्ट मीटर के अत्याधुनिक आंकड़ा विश्लेषण पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा बढ़ते विद्युत भार के अनुरूप विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में नवीकरणीय ऊर्जा की भूमिका पर भी विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। उद्घाटन समारोह को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद, कैलिफोर्निया ऊर्जा आयोग के उपाध्यक्ष सिवा गंडा, ऑल इंडिया डिस्कॉम्स एसोसिएशन के महानिदेशक आलोक कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ भी संबोधित करेंगे।
ऊर्जा विभाग की शासन सचिव आरती डोगरा तथा इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम के अध्यक्ष रेजी कुमार पिल्लई स्वागत उद्बोधन देंगे। इस अवसर पर इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम, पावर फाउंडेशन ऑफ इंडिया और इंडिया सोलर ग्रिड फोरम की ओर से की गई पहलों तथा तैयार की गई रिपोर्टों का भी विमोचन किया जाएगा।
सम्मेलन के आयोजन की जिम्मेदारी राजस्थान की जयपुर, जोधपुर और अजमेर विद्युत वितरण निगमों को दी गई है। वहीं टाटा पावर, चंडीगढ़ पावर, नोएडा पावर, बीएसईएस राजधानी पावर और बीएसईएस यमुना पावर सहित अन्य वितरण कंपनियां सह-आयोजक के रूप में भागीदारी करेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित