चालीस दिवसीय गायत्री अनुष्ठान की पूर्णाहुति: चालीस लाख महामंत्रों का हुआ जप
जयपुर, 22 अगस्त (हि.स.)। चेतना केंद्र दुर्गापुरा में 15 जुलाई से चल रहे 40 दिवसीय गायत्री साधना अनुष्ठान की पूर्णाहुति शनिवार को विधिवत हुई। अनुष्ठान के दौरान साधकों ने सामूहिक रूप से करीब 40 लाख गायत्री महामंत्र का जप किया। इस अवसर पर 108 गायत्री मंत्रों की आहुतियां देकर यज्ञ संपन्न कराया गया।
अनुष्ठान में 27 परिजनों ने सवा लाख गायत्री महामंत्र जप का 40 दिवसीय अनुष्ठान किया। वहीं 11 परिजनों ने 40 दिनों तक प्रतिदिन 11 माला जप किया, जबकि 7 परिजनों ने 9 दिवसीय 24 हजार मंत्रों का अनुष्ठान पूर्ण किया। सभी साधकों को दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
साधकों ने घर पर रहकर शांतिकुंज की निर्धारित दिनचर्या का पालन किया। इसमें ब्रह्म मुहूर्त में जागरण, गुरुदेव की आवाज में ध्यान, दैनिक यज्ञ, निर्धारित जप, शाम की आरती, नाद योग, जप और आहार संयम जैसी साधनाएं शामिल रहीं।
अनुष्ठान के दौरान 38 दिनों तक ऑनलाइन सामूहिक स्वाध्याय भी कराया गया। प्रतिदिन शाम 8:30 से 9:15 बजे तक हुए स्वाध्याय में औसतन 19-20 परिजन जुड़े। इस दौरान हमारी वसीयत और विरासत, आश्चर्यजनक, अद्भुत, किन्तु सत्य और प्रार्थना जीवन्त कैसे बने सहित तीन पुस्तकों के 515 पृष्ठों का अध्ययन किया गया। अंतिम दिन साधकों ने 40 दिवसीय साधना के अनुभव साझा किए, जिसकी रिकॉर्डिंग चेतना केंद्र दुर्गापुरा के यू ट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।
यज्ञ के बाद कन्या पूजन और कन्या भोज का आयोजन हुआ। इसके बाद भोजन प्रसादी में करीब 150 परिजनों ने सहभागिता की। आयोजन ने साधना, स्वाध्याय और सेवा को एक साथ जोड़ते हुए परिजनों को आध्यात्मिक अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का संकल्प दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश