आज रात से 35 हजार निजी बसों का चक्का जाम

 


जयपुर, 23 फ़रवरी (हि.स.)। प्रदेश में परिवहन विभाग और निजी बस संचालकों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। इसी के विरोध में निजी बस ऑपरेटरों ने सोमवार रात 12 बजे से राज्यव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। ऑपरेटरों के अनुसार हड़ताल में करीब 30 से 35 हजार निजी बसें शामिल होंगी, जिससे प्रदेशभर में लाखों यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

निजी बस संचालकों का आरोप है कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की ओर से लगातार कार्रवाई करते हुए बसों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट निलंबित किए जा रहे हैं और लाखों रुपये के चालान बनाए जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर जयपुर में हुई बैठक में हड़ताल का निर्णय लिया गया। बस ऑपरेटर संगठनों को अन्य राज्यों के संचालकों का भी समर्थन मिला है।

राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि हड़ताल में स्टेज कैरिज, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज और लोक परिवहन की बसें शामिल रहेंगी। उन्होंने दावा किया कि इस हड़ताल से करीब 12 से 15 लाख यात्रियों पर असर पड़ सकता है। साथ ही टैक्सी ऑपरेटरों ने भी समर्थन दिया है।

बस संचालकों का कहना है कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 153 के तहत भारी भरकम चालान किए जा रहे हैं। यह धारा हाल ही में जोड़ी गई है, जबकि पुरानी बसों पर भी इसी आधार पर कार्रवाई की जा रही है। ऑपरेटरों का आरोप है कि बसों और टैक्सियों में लगेज कैरियर लगाने पर भी जुर्माना लगाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण और लंबी दूरी के यात्रियों को परेशानी हो रही है।

बस ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण साहू ने सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कार्रवाई केवल निजी बसों पर की जा रही है, जबकि सरकारी बसों पर ऐसे नियम लागू नहीं किए जा रहे।

ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और परिवहन विभाग के साथ वार्ता में समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं, दूसरे राज्यों से राजस्थान आने वाली बसों के संचालन पर भी असर पड़ सकता है। माना जा रहा है कि हड़ताल से अंतरराज्यीय मार्गों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश