समदड़ी-भीलड़ी रेलखंड पर 220 किमी ट्रैक का नवीनीकरण
जोधपुर, 06 नवम्बर (हि.स.)। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने रेल परिचालन को अधिक संरक्षित करने गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि हासिल की है। समदड़ी-भीलड़ी रेलखंड पर 220 किलोमीटर लंबे पूरे प्लेन ट्रैक का नवीनीकरण पूरा कर लिया गया है। इसके तहत पुरानी 52 किलो रेल के स्थान पर 60 किलो की मजबूत रेल बिछाई गई है। मार्च 2025 में स्वीकृत इस कार्य को महज 19 महीने में पूरा किया गया है।
जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि डबल स्टैक कंटेनर ट्रेनों के संचालन के लिहाज से महत्वपूर्ण इस रेलखंड पर ट्रैक की मजबूती के साथ पुलों और यार्ड की संरचनाओं में भी सुधार किया गया है। आठ गर्डर पुलों पर पुराने ब्रिज चैनल स्लीपर और रेल बदले गए। इनमें दो महत्वपूर्ण पुल भी शामिल हैं। पुलों के एप्रोच मार्ग को चौड़े आधार वाले स्लीपरों से मजबूत किया गया। इसके अलावा 16 यार्ड में टर्नआउट और स्लीपर नवीनीकरण, 4000 कैजुअल स्लीपर बदलने तथा एसईजे नवीनीकरण का कार्य भी पूरा किया गया है।
उन्होंने बताया कि ट्रैक सुधार का असर संरक्षा के आंकड़ों में भी नजर आ रहा है। 220 किलोमीटर रेलखंड का टीक्यूआई स्तर 106.20 तक पहुंच गया है, जिसे भारतीय रेलवे में सर्वोच्च बताया गया है। रेल और वेल्ड फ्रैक्चर की घटनाएं वर्ष 2023-24 के 21 से घटकर 2025-26 में दो रह गईं, जबकि चालू वित्त वर्ष में अब तक ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। इसी तरह आईएमआर के मामले भी वर्ष 2024-25 के 132 से घटकर चालू वित्त वर्ष में अब तक आठ रह गए हैं।
वरिष्ठ मंडल इंजीनियर तरुण बीका के अनुसार ट्रैक नवीनीकरण के बाद 100 किलोमीटर रेलखंड पर ट्रेनों की गति 100 से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। शेष 120 किलोमीटर में भी दिसंबर 2026 तक गति बढ़ाने का लक्ष्य है। इससे यात्री और मालगाडिय़ों के संरक्षित एवं तेज संचालन को मजबूती मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश