हाइकोर्ट से अभिषेक बनर्जी के गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक खत्म
जबलपुर, 17 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से तृणमूल कांग्रेस सांसद एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को झटका लगा है। अदालत ने भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट पर लगी अंतरिम रोक समाप्त कर दी है। साथ ही, याचिका को खारिज कर दिया गया है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष हुई। याचिकाकर्ता की ओर से लगातार अवसर दिए जाने के बावजूद कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ। दोबारा बुलाए जाने पर भी अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई पेश नहीं हुआ।
इसी आधार पर कोर्ट ने याचिका को अभियोजन के अभाव में निरस्त कर दिया। इसके साथ ही 12 नवंबर 2025 को पारित वह अंतरिम आदेश भी समाप्त कर दिया गया, जिसके तहत गिरफ्तारी वारंट के निष्पादन पर रोक लगाई गई थी।
उच्च न्यायालय ने रजिस्ट्री को निर्देश दिए हैं कि आदेश की प्रति तत्काल संबंधित ट्रायल कोर्ट को भेजी जाए, ताकि आगे की न्यायिक प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। इस फैसले के बाद भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में लंबित मानहानि प्रकरण की सुनवाई तेज होने की संभावना है। पूरा मामला नवंबर 2020 का है।
गौरतलब है कि कोलकाता में आयोजित एक राजनीतिक सभा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय को कथित तौर पर गुंडा कहा था। इस बयान को मानहानिकारक बताते हुए आकाश विजयवर्गीय ने वर्ष 2021 में भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दायर किया था। प्रकरण की सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होने पर निचली अदालत ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर वारंट को चुनौती दी थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक