शाजापुर पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, हिरण और नीलगायों के रेस्क्यू अभियान का लिया जायजा
शाजापुर, 28 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार सुबह शाजापुर जिले के रंथभंवर गांव पहुंचे। यहां उन्होंने कुलमनखेड़ी के जंगलों में बोमा पद्धति से चलाए जा रहे हिरण और नीलगायों के रेस्क्यू अभियान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अभियान की प्रक्रिया की जानकारी ली और दक्षिण अफ्रीका से आई विशेष टीम से चर्चा की।
मुख्यमंत्री सुबह 8 बजे हेलीकॉप्टर से रंथभंवर गांव पहुंचे, जहां क्षेत्रीय विधायक अरुण भीमावद ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री कुलमनखेड़ी के जंगलों में पहुंचे और वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियान की बारीकियों को नजदीक से देखा। उन्होंने रेस्क्यू अभियान में जुटी दक्षिण अफ्रीकी टीम से इसकी कार्यप्रणाली और अब तक की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
फसलों को नुकसान से बचाने के लिए अभियान
रेस्क्यू अभियान का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि किसान कल्याण वर्ष के दौरान किसानों की फसलों को वन्यजीवों से होने वाले नुकसान को कम करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि वन्यजीवों को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। इसी उद्देश्य से विशेषज्ञ टीम की निगरानी में रेस्क्यू की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहली बार इस तरह का अभियान चलाया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर इसे अन्य जिलों में भी संचालित किया जाएगा।
हेलीकॉप्टर की मदद से किया जा रहा रेस्क्यू
दक्षिण अफ्रीका से आई विशेष टीम हेलीकॉप्टर की मदद से वन्यजीवों को निर्धारित दिशा में ले जाकर रेस्क्यू कर रही है। इस प्रक्रिया को बोमा पद्धति कहा जाता है। अभियान का उद्देश्य वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के साथ किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान को कम करना है। शाजापुर जिले में पिछले वर्ष भी इस तरह का अभियान चलाया गया था।
क्षेत्रीय विधायक अरुण भीमावद ने कहा कि देश में पहली बार मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में पिछले वर्ष यह अभियान शुरू किया गया था। इस वर्ष भी जिले में इसे संचालित किया जा रहा है, ताकि किसानों की फसलों को वन्यजीवों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / मंगल नाहर