मालथौन अस्पताल में गंदगी पर भड़कीं कलेक्टर, स्वास्थ्य अधिकारियों को लगाई फटकार
सागर, 02 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और जनसमस्याओं के निराकरण को लेकर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मंगलवार को मालथौन क्षेत्र में मैदानी निरीक्षण और विशेष जनसुनवाई के जरिए प्रशासनिक सक्रियता का परिचय दिया। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के समाधान के लिए अधिकारियों को तय समय-सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर सबसे पहले मालथौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं, जहां निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर के बाथरूम में गंदगी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया और भर्ती बच्चों की माताओं से संवाद कर उन्हें बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।
इसके बाद कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रजवांस का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) और गर्भवती महिलाओं के पंजीयन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य अमले को निर्देशित किया कि क्षेत्र की कोई भी गर्भवती महिला जांच और पंजीयन से वंचित न रहे तथा शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजी, ओपीडी व्यवस्था, स्टोर प्रबंधन और दवाओं के भंडारण की भी समीक्षा की गई। ऑनलाइन रिकॉर्ड में लंबित प्रविष्टियों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने मेडिकल अधिकारियों को प्रतिदिन दवाओं की प्राप्ति और उपयोग संबंधी जानकारी पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए।
मालथौन स्थित एसडीएम कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय विशेष जनसुनवाई में कलेक्टर ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान की दिशा में कदम उठाए। उन्होंने राजस्व और भूमि संबंधी मामलों को प्राथमिकता देते हुए आवेदकों को आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
भू-अर्जन, सीमांकन और अवैध कब्जों से जुड़े मामलों में संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा तय कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जहां सीमांकन के बाद भी अवैध कब्जे की शिकायतें हैं, वहां पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। तहसीलदारों को स्वयं मौके पर जाकर जांच करने तथा निर्धारित समय में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल संकट से जुड़े मामलों पर भी कलेक्टर ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने को कहा।
जनसुनवाई में पहुंचे दिव्यांगजनों की समस्याओं पर संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्होंने सामाजिक न्याय विभाग को आवश्यक सहायता उपकरण, विशेषकर व्हीलचेयर उपलब्ध कराने और पात्र हितग्राहियों के नाम सूची में जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही छात्रों और युवाओं के लंबित जाति प्रमाण-पत्रों का शीघ्र निराकरण करने को कहा।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने एसडीएम न्यायालयों और जल संसाधन विभाग से जुड़े भू-अर्जन मुआवजा प्रकरणों का सात दिनों के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उद्यानिकी विभाग को पीएमएफएमई योजना के निरस्त मामलों की कमियां दूर कर नए सिरे से प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
बैठक के अंत में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए। निर्धारित अवधि में शिकायतों और आवेदनों का निराकरण नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, सीएमएचओ डॉ. जे.पी. आर्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे