मंदसौर : संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना विपक्ष की हताशा : भाजपा

 


मंदसौर, 29 सितंबर (हि.स.)। भारत निर्वाचन आयोग सहित संवैधानिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा मंदसौर जिला अध्यक्ष पं. राजेश दीक्षित ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक असफलता का ठीकरा कांग्रेस और विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

दीक्षित ने कहा कि कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर भी विपक्ष की ओर से भ्रम फैलाया गया। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह पत्र किसी नीतिगत विषय या विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित नहीं था, बल्कि आयोग में प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की कार्यप्रणाली से जुड़ा प्रशासनिक मामला था। निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को यह भी कहा था कि एसआईआर से संबंधित उसके आदेश और कार्यक्रम आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किए गए थे।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि निर्वाचन आयोग को लेकर भ्रम फैलाने के लिए राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि निर्वाचन आयोग के स्पष्टीकरण से कांग्रेस की ओर से फैलाए जा रहे भ्रम की स्थिति स्पष्ट हो गई है। उन्होंने कहा कि हर पात्र नागरिक का मताधिकार सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग की प्राथमिकता में शामिल है।

उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस एक ही प्रक्रिया को अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नजरिए से देख रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि केरल और हिमाचल प्रदेश में एसआईआर को लेकर कांग्रेस की स्थिति अलग थी, जबकि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पार्टी की ओर से अलग रुख अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस रवैये से कांग्रेस की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों को मताधिकार सुनिश्चित करने और मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग अपनी संवैधानिक भूमिका निभा रहा है। निर्वाचन आयोग ने भी कहा है कि एसआईआर के दौरान छूट गए लोगों तथा नए मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए निरंतर अद्यतन की प्रक्रिया उपलब्ध है।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल को निर्वाचन आयोग के निर्णयों पर आपत्ति है तो संवैधानिक और न्यायिक रास्ते खुले हैं। उन्होंने कांग्रेस से लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखने और राजनीतिक मतभेदों को संस्थाओं के विरोध में परिवर्तित नहीं करने की बात कही।

हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया