भोजशाला में नमाज की वैकल्पिक व्यवस्था पर विवाद, सकल हिंदू समाज ने जिला बंद कर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
धार, 25 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर में शुक्रवार की नमाज के लिए प्रस्तावित वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया है। सकल हिंदू समाज के आह्वान पर मंगलवार को धार जिला दोपहर तक पूर्ण रूप से बंद रहा। बंद के बाद समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश का निर्धारित स्वरूप में पालन कराने की मांग की।
सकल हिंदू समाज ने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में जिस सर्वे नंबर 596 का उल्लेख किया गया है, उसके स्थान पर प्रशासन द्वारा सर्वे नंबर 612 में नमाज की वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की तैयारी की जा रही है। समाज ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
ज्ञापन में भोजशाला प्रकरण से संबंधित एसएलपी क्रमांक 9310/2025 का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अंतरिम आवेदन प्रस्तुत किया गया था। समाज का दावा है कि मुस्लिम पक्ष की ओर से मौके की वास्तविक स्थिति से अलग गूगल मैप पर एक स्थान चिह्नित कर उसे सर्वे नंबर 596 बताया गया था। इसी स्थान पर शुक्रवार की नमाज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की मांग की गई थी।
सकल हिंदू समाज के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे नंबर 596 में नमाज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था अंतरिम तौर पर किए जाने के संबंध में शासन को निर्देश दिए थे। समाज का आरोप है कि इसके बाद प्रशासन को इसी सर्वे नंबर के आधार पर व्यवस्था करनी थी, लेकिन वर्तमान में सर्वे नंबर 596 के बजाय सर्वे नंबर 612 में व्यवस्था किए जाने की तैयारी की जा रही है।
ज्ञापन में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। समाज ने आरोप लगाया कि मुस्लिम पक्ष के दबाव में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अलग व्याख्या की जा रही है। उसका कहना है कि यदि आदेश में किसी निश्चित सर्वे नंबर का उल्लेख किया गया है तो उससे अलग स्थान पर नमाज की व्यवस्था करने से पहले हिंदू समाज के प्रतिनिधियों से चर्चा की जानी चाहिए थी।
समाज ने कहा कि प्रस्तावित नई व्यवस्था को लेकर हिंदू पक्ष की सहमति नहीं ली गई, जिससे उसकी भावनाएं आहत हुई हैं। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले हिंदू समाज के प्रतिनिधियों से संवाद किया जाए तथा सभी पक्षों की भावनाओं को ध्यान में रखा जाए।
सकल हिंदू समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरोध में नहीं है और न ही किसी वर्ग की धार्मिक आराधना का विरोध करता है। समाज ने कहा कि धार में लंबे समय के बाद शांति और सौहार्द का वातावरण बना है। ऐसी स्थिति में वह नहीं चाहता कि किसी नई व्यवस्था के कारण शहर का माहौल फिर प्रभावित हो।
समाज ने प्रशासन से आग्रह किया कि सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश का पालन करते हुए सभी पक्षों की भावनाओं को ध्यान में रखकर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही कहा कि प्रशासन द्वारा उचित और सभी पक्षों से चर्चा के बाद व्यवस्था किए जाने पर हिंदू समाज सहयोग करने के लिए तैयार है।
हिन्दुस्थान समाचार / Gyanendra Tripathi