धार: गौशाला की जमीन पर उद्योग बसाने का आरोप, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

 


धार, 23 फ़रवरी (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के धार जिले के ग्राम जेतपुरा स्थित प्रकृति वात्सल्य गौशाला समिति एवं विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल ने सोमवार को उद्योग विभाग पर गौशाला की भूमि पर अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।

समिति के अनुसार खसरा क्रमांक 756 में संचालित गौशाला में लगभग 300 बीमार, दुर्घटनाग्रस्त एवं निराश्रित गौवंश का संरक्षण किया जा रहा है।

गौशाला प्रबंधन का आरोप है कि समीपस्थ खसरा क्रमांक 755 एवं आसपास की भूमि पर विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्र के लिए गौशाला से लगी भूमि के प्लॉट काटे गए हैं तथा बिना उचित सीमांकन तार फेंसिंग कर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।

नियमों के अनुसार गौशाला संचालन के लिए 12 एकड़ भूमि आरक्षित रहना आवश्यक है, जबकि वर्तमान में गोचर भूमि प्रभावित हो रही है। समिति ने कहा कि यदि चराई भूमि समाप्त हुई तो गौवंश के आहार-पाचन पर असर पड़ेगा और मृत्यु दर बढ़ सकती है। साथ ही औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषण से भी पशुओं को नुकसान की आशंका है।

गौशाला प्रबंधन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के भूखंड क्रमांक 100 से 112 को डीनोटिफाई किया जाए तथा गौशाला एवं गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर सुरक्षित किया जाए।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में गौशाला के सदस्य एवं विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के पदाधिकारी में मौजूद रहे। वहीं विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के योगेंश पाल सिंह ने चेतावनी दिए कि यदि शासन प्रशासन इस दिशा में यदि कोई शीघ्र कार्रवाई नहीं करता है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर समंदर पटेल, धर्मंद जोशी, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, देवकरण जाट, विजया शर्मा, प्रमिला शर्मा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Gyanendra Tripathi