झाबुआ: प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन एवं युक्तियुक्तकरण संबंधी बैठक आयोजित
झाबुआ, 25 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष एस.एन. मिश्रा की अध्यक्षता में गुरुवार को जनजातीय बाहुल्य झाबुआ जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रशासनिक इकाइयों के परिसीमन, पुनर्गठन एवं युक्तियुक्तकरण के संबंध में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आयोग के सदस्य मुकेश कुमार शुक्ला, सचिव अक्षय कुमार सिंह, कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस, कार्यप्रणाली, प्रश्नावली, प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त होने वाले सुझावों एवं फीडबैक पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोग द्वारा प्रशासनिक इकाइयों जैसे जिला, उपखंड, तहसील एवं जनपद विकासखंडों के परिसीमन (नई इकाइयों का सृजन एवं सीमाओं में परिवर्तन) तथा युक्तियुक्तिकरण के संबंध में विस्तृत प्रस्ताव प्राप्त किए जाएंगे।
बैठक में आयोग द्वारा तैयार की गई प्रश्नावली के प्रत्येक बिंदु पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। आयोग के सदस्य मुकेश कुमार शुक्ला ने अधिकारियों को प्रश्नावली की पूर्ति एवं प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रस्ताव तैयार करते समय प्राकृतिक सीमाओं, आवागमन की सुविधा, मुख्यालय से दूरी, क्षेत्रफल, जनसंख्या घनत्व, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संरचना, प्रशासनिक अमले की उपलब्धता, कार्यालयीन अधोसंरचना, सड़क, विद्युत, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ कृषि, उद्योग, व्यापार, खनिज, वन संपदा तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों का समग्र एवं वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रस्तावित प्रशासनिक इकाइयों के मुख्यालय का चयन करते समय क्षेत्र के सभी भागों से समान दूरी, सुगम परिवहन व्यवस्था, जनसंख्या का वितरण, व्यापारिक एवं औद्योगिक गतिविधियों, वर्तमान आवश्यकताओं तथा भविष्य की विकास संभावनाओं को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाए। इसके अतिरिक्त सेवा प्रदाय प्रणाली, जनसुनवाई व्यवस्था, कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक दक्षता पर पड़ने वाले प्रभावों का भी समुचित परीक्षण किया जाना आवश्यक होगा।
आयोग के सचिव अक्षय कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के साथ-साथ विभागीय पदीय संरचना एवं मानव संसाधनों के युक्तियुक्तकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने वर्तमान प्रशासनिक ढांचे, उपलब्ध पदों, कार्यभार, मानव संसाधनों, उपलब्ध संसाधनों तथा वर्ष 2047 तक संभावित कार्य विस्तार का आकलन करते हुए आवश्यक पदों, प्रशिक्षण, तकनीकी संसाधनों एवं संस्थागत व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार करें।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि आयोग द्वारा निर्धारित प्रश्नावली वेब पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है, जिसके माध्यम से जनप्रतिनिधि एवं संबंधित पक्ष भी अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं। जिला स्तर पर प्राप्त सभी प्रस्तावों का परीक्षण एवं समेकन जिला कलेक्टर द्वारा किया जाएगा तथा केवल कलेक्टर द्वारा अनुमोदित अंतिम प्रस्ताव ही आयोग को प्रेषित किए जाएंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा