किन्नर महामंडलेश्वर संजना सिंह ने फूंका चुनावी बिगुल, बोलीं- 'मां पीतांबरा ने मुझे दतिया के लिए चुना'

 


दतिया, 18 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में 21 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला अब और दिलचस्प होता जा रहा है। भाजपा, कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी के साथ अब भारतीय गण वार्ता पार्टी की प्रत्याशी एवं किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर संजना सिंह (संजना नंद गिरि) ने भी चुनावी बिगुल फूंक दिया है।

शनिवार को कार्यालय उद्घाटन के साथ वे जल्द ही जनसंपर्क और चुनावी सभाओं की शुरुआत करेंगी। उनके प्रचार अभियान में देशभर से किन्नर अखाड़ों के संतों और उस्तादों के शामिल होने की भी तैयारी है। उनका चुनाव चिन्ह बैटरी टॉर्च है।

भोपाल निवासी संजना सिंह के नाम मध्य प्रदेश की पहली ट्रांसजेंडर सरकारी कर्मचारी बनने का रिकॉर्ड दर्ज है। वे सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग में सेवाएं दे चुकी हैं। स्वच्छ भारत मिशन और राज्य निर्वाचन आयोग की स्टेट आइकॉन भी रहीं। करीब दो वर्ष पहले उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़कर किन्नर अखाड़े का दामन थामा, जहां उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि मिली।

हिस बातचीत में संजना सिंह ने बताया कि उन्होंने दतिया को नहीं चुना, बल्कि मां पीतांबरा ने मुझे दतिया के लिए चुना है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ दतिया की जनता का नहीं, बल्कि पूरे किन्नर समाज की दिशा और दशा तय करने वाला चुनाव है। उनका मानना है कि राजनीति में किन्नर समाज की भागीदारी बढ़ने से लोगों की सोच बदलेगी और भविष्य में लोकसभा तक उनकी मजबूत भागीदारी का रास्ता खुलेगा।

संजना ने कहा कि उनका न कोई परिवार है और न कोई उत्तराधिकारी, इसलिए सत्ता उनके लिए निजी लाभ का माध्यम नहीं होगी। वे पूरी निष्ठा से जनता की सेवा करना चाहती हैं। उनका कहना है कि किन्नर समाज वर्षों से जनता के स्नेह और सहयोग से जीवनयापन करता आया है, अब समाज को लौटाने का समय है।

सरकारी नौकरी छोड़ने के फैसले पर उन्होंने कहा कि नौकरी से उनका व्यक्तिगत भला हो सकता था, लेकिन बड़े स्तर पर समाज के लिए काम करने और नीतियां बनाने के लिए सार्वजनिक जीवन में आना जरूरी था।

स्थानीय मुद्दों पर संजना सिंह ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता भयमुक्त दतिया है। उनका उद्देश्य ऐसा माहौल बनाना है, जहां लोग बिना किसी दबाव और डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें और विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रचार में किन्नर समाज के साथ संत समाज भी सक्रिय भागीदारी करेगा। उनके अनुसार यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि दतिया के विकास, सामाजिक बदलाव और सनातन मूल्यों से जुड़े व्यापक संदेश का भी चुनाव है।

हिन्दुस्थान समाचार/ उपेन्द्र गौतम

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा