अनूपपुर: नप बनगवां में कलेक्टर का औचक निरीक्षण: मुख्य द्वार बंद कर 2 घंटे तक चली जांच, कई फाइलें जब्त

 


अनूपपुर, 13 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जिले की नगर परिषद बनगवा में शनिवार कलेक्टर हर्षल पंचोली बिना पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण के लिए परिषद कार्यालय पहुंच गए। कलेक्टर के अचानक पहुंचने से पूरे कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान परिषद कार्यालय का मुख्य द्वार बंद कर करीब दो घंटे तक विभिन्न अभिलेखों और प्रशासनिक कार्यों की गहन जांच की गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कलेक्टर ने हाजिरी रजिस्टर, वित्तीय दस्तावेज, निर्माण कार्यों से संबंधित फाइलें तथा अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की बारीकी से जांच की। इस दौरान कई दस्तावेजों में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं की आशंका सामने आने पर संबंधित फाइलों और अभिलेखों को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया गया। निरीक्षण के दौरान लेखापाल राजेश मिश्रा के कार्यों को लेकर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल डूडा कार्यालय अनूपपुर में संलग्न किए जाने के आदेश दिए। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों को अवैतनिक करने के निर्देश भी दिए हैं।

नगर परिषद बनगवा पिछले कुछ समय से निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रियाओं, वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर लगातार चर्चा में रही है। विभिन्न शिकायतों के बीच कलेक्टर का यह औचक निरीक्षण और फाइलों की जब्ती कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर रहा है।

कलेक्टर की कार्रवाई के बाद नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। आमजन के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किन फाइलों में ऐसी अनियमितताओं की आशंका मिली, जिनके चलते उन्हें तत्काल जब्त करना पड़ा। लोगों की निगाहें अब जांच की अगली कार्रवाई और प्रशासन द्वारा लिए जाने वाले संभावित निर्णयों पर टिकी हुई हैं।

फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। लेकिन कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि नगर परिषद के कामकाज की गहन समीक्षा की जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता प्रमाणित होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि नगर परिषद बनगवा में निरीक्षण के दौरान कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए और लेखापाल का कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया जिन्हें सोमवार से डूडा कार्यालय अटैच किया गया है। इसके साथ ही ज्यादातर कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए जिसको लेकर के अब कर्मचारी की हाजिरी रजिस्टर में नहीं बल्कि बायोमैट्रिक अटेंडेंस से की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नगर परिषद बनगवा, डोला, डूमर कछार में कर्मचारियों की मनमानी की शिकायतें प्राप्त हुई है। जिसको ध्यान में रखते हुए आगामी दो महीना में यह नियमित रूप से विजिट करते हुए यहां की व्यवस्थाएं सुधारी जाएगी। जांच के बाद कार्यवाही की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला