यूथ कॉन्क्लेव पर जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा, रोजगार से लेकर प्रशासन तक उठाए सवाल

 


भोपाल, 07 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यूथ कॉन्क्लेव और प्रदेश की युवा नीति को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने रोजगार, सरकारी विभागों में रिक्त पद, भर्ती परीक्षाओं में देरी, कथित पेपर लीक, लंबित नियुक्तियों, ओबीसी आरक्षण, प्रदेश पर बढ़ते कर्ज और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बुधवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पटवारी ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की बस में आग लगने की घटना का भी उल्लेख किया।

पटवारी ने अगले वर्ष एक लाख युवाओं को सरकारी रोजगार देने की सरकार की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे पहले ढाई लाख और पांच लाख रोजगार देने की घोषणाएं भी की जा चुकी हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि पूर्व में की गई घोषणाओं के तहत कितने युवाओं को रोजगार मिला और अब एक लाख पदों पर भर्ती किन विभागों में और कितने पदों पर होगी।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री की साल में दो बार लोक सेवा आयोग की परीक्षा कराने की घोषणा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल परीक्षाओं की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना जरूरी है।

पटवारी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शी व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने पेपर लीक के मामलों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग की। उन्होंने चयन प्रक्रिया पूरी कर चुके अभ्यर्थियों की लंबित नियुक्तियां जल्द करने और 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से जुड़े लंबित पदों की स्थिति स्पष्ट करने की भी मांग सरकार से की।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यूथ कॉन्क्लेव के दौरान युवाओं के लिए की गई व्यवस्थाओं और पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने यूथ कॉन्क्लेव में गायक जुबिन नौटियाल को बुलाए जाने और आयोजन में हुए खर्च का ब्योरा भी सार्वजनिक करने की मांग की। उनका कहना था कि युवा सम्मेलन में रोजगार, शिक्षा और भर्ती जैसे मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। वहीं स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन को लेकर अलग-अलग जिलों में पटवारियों के खिलाफ की गई निलंबन कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर भी सरकार से हिसाब मांगा। उन्होंने दावा किया कि राज्य का कर्ज लगातार बढ़ रहा है। पटवारी ने सरकार से कर्ज लेने, उसके उपयोग और ब्याज भुगतान की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की।

पटवारी ने युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के सामने सात प्रमुख मांगें रखीं। इनमें सभी विभागों के स्वीकृत और रिक्त पदों की जानकारी सार्वजनिक करना, वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करना, पेपर लीक के मामलों की जांच, लंबित नियुक्तियां पूरी करना, 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से जुड़े लंबित पदों की स्थिति स्पष्ट करना, उच्च शिक्षा संस्थानों में रिक्त पदों पर पारदर्शी भर्ती करना और रोजगार मेलों के बजाय वास्तविक नियुक्तियों का विवरण सार्वजनिक करना शामिल है।

हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे