छतरपुर : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ यादव महासभा का प्रदर्शन, पुतला जलाकर जताया विरोध

 


छतरपुर, 03 नवंबर (हि.स.)। भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का विरोध तेज हो गया है। उनके गृह जिले छतरपुर में मंगलवार को यादव महासभा और भगवान श्रीकृष्ण के अनुयायियों ने प्रदर्शन कर उनका पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि ‘पाखंड की दुकान बंद करो’। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि सुनवाई नहीं होने पर बागेश्वर धाम पहुंचकर पुतला जलाने के साथ धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मुंह पर कालिख पोतेंगे।

यह विरोध डाकखाना चौराहे पर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में यादव महासभा के सदस्य और भगवान श्रीकृष्ण के अनुयायी एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयानों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की मांग की।

विवादित बयान के वायरल होने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो जारी कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनकी भावना ऐसी नहीं थी और उनसे गलती हुई है। यदि उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची है, तो वे इसके लिए क्षमा चाहते हैं।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से हिंदुओं के बीच विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें विदेशों से फंडिंग मिलने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच कराने की मांग भी की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने भी नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहले भी महिलाओं की धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं। उन्होंने करवा चौथ को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई और कहा कि बाद में माफी मांगकर विवाद समाप्त करने का प्रयास किया जाता है।

प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन तेज करेंगे। इस बीच, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान को लेकर अन्य क्षेत्रों में भी विरोध की खबरें सामने आ रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा