मंदसौर में बाड़े में घुसा जंगली जानवर, छह बकरियों की मौत; चार घायल

 


मंदसौर, 2 सितंबर (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के मंदसौर जिले के ग्राम हासली में बुधवार सुबह उस समय दहशत फैल गई, जब एक जंगली जानवर ने किसान के बाड़े में बंधी बकरियों पर हमला कर दिया। हमले में छह बकरियों की मौत हो गई, जबकि चार बकरियां घायल मिलीं। दो बकरियों को जंगली जानवर उठाकर ले गया। घटना के बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल है।

किसान नैन सिंह गुर्जर ने बताया कि बकरियां गांव के बाड़े में बंधी हुई थीं। सुबह जब वे बाड़े में पहुंचे तो वहां कई बकरियां मृत पड़ी थीं, जबकि कुछ घायल अवस्था में मिलीं। घटना की सूचना तत्काल पुलिस और वन विभाग को दी गई।

सूचना मिलने पर नई आबादी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना का पंचनामा तैयार किया। वन विभाग की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और जंगली जानवर की पहचान के लिए हमले से जुड़े निशानों की तलाश की। हालांकि, मौके पर किसी जंगली जानवर के स्पष्ट पदचिह्न नहीं मिले।

हाइना की आशंका, तेंदुए की पुष्टि नहीं

वनपाल नरेंद्र मालवीय के अनुसार प्रारंभिक जांच में हमला किसी बड़े जंगली जानवर द्वारा किया जाना प्रतीत हो रहा है। क्षेत्र में हाइना देखे जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन फिलहाल तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हुई है।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शिकार के व्यवहार के आधार पर हाइना की आशंका जताई जा रही है। सामान्य तौर पर तेंदुआ शिकार को उसी स्थान पर खाता है, जबकि हाइना शिकार को उठाकर दूसरी जगह ले जा सकता है। घटना में दो बकरियों को जंगली जानवर द्वारा उठाकर ले जाने के कारण फिलहाल हाइना की संभावना अधिक मानी जा रही है।

अधिकारियों ने यह भी आशंका जताई है कि दो से तीन हाइना ने मिलकर बकरियों पर हमला किया हो सकता है। वन विभाग की टीम संभावित आवागमन वाले स्थानों पर जानवर के पैरों के निशान और अन्य सुराग तलाश रही है।

जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट

वन विभाग का कहना है कि अभी यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता कि बकरियों पर हमला हाइना ने किया या तेंदुए ने। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आगे की जांच के बाद ही जंगली जानवर की पहचान हो सकेगी।

घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, जंगली जानवर की पहचान करने और यदि संभव हो तो उसे पकड़ने की कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों में अपने मवेशियों और स्वयं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया