मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, रातें हुईं ठंडी, दिन गर्म, तापमान 35 डिग्री के पार
भोपाल, 03 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मानसून का दौर खत्म होते ही मौसम ने करवट ले ली है। प्रदेश में बारिश का सिलसिला थम गया है, लेकिन दिन में गर्मी और रात में ठंडक का असर एक साथ महसूस हो रहा है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे चला गया है, जबकि बड़वानी और धार समेत कुछ इलाकों में दिन का तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून का नियमित पीरियड 30 सितंबर को समाप्त हो चुका है। इसके बाद प्रदेश में फिलहाल कहीं अति भारी या भारी बारिश नहीं हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अक्टूबर के शुरुआती दिनों में इसी तरह रातें ठंडी और दिन गर्म रहने का दौर जारी रह सकता है।
शुक्रवार रात प्रदेश में कई शहरों में तापमान तेजी से नीचे आया। अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री, शाजापुर में 17.3 डिग्री, धार में 17.5 डिग्री, इंदौर और पचमढ़ी में 17.6 डिग्री, जबकि भोपाल और उज्जैन में 18 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। दूसरी ओर दिन के तापमान में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। पचमढ़ी और अमरकंटक में अधिकतम तापमान 29 डिग्री से नीचे बना हुआ है, जबकि बड़वानी, धार, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम में दिन का पारा 35 डिग्री से ऊपर पहुंच रहा है। यही वजह है कि प्रदेश में एक ही समय पर सुबह-रात ठंडक और दिन में गर्मी महसूस हो रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि 30 सितंबर के साथ मानसूनी अवधि खत्म होने के बाद अक्टूबर के शुरुआती करीब 15 दिन मौसम के बदलाव वाले होते हैं। इस दौरान रातों में धीरे-धीरे ठंडक बढ़ने लगती है, लेकिन दिन का तापमान गर्म बना रहता है। इस बार भी प्रदेश में मौसम इसी पैटर्न पर आगे बढ़ रहा है। मानसून की विदाई के साथ आसमान साफ होने पर दिन में धूप तेज होगी, जबकि रात में तापमान नीचे जाने से ठंडक महसूस होगी।
इस समय मानसून की वापसी रेखा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से गुजर रही है। मध्यप्रदेश में यह रेखा ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के ऊपर बनी हुई है। ऐसे में मानसून की प्रदेश से वापसी भी इन्हीं इलाकों से शुरू होने की संभावना है। इसके बाद मानसून इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से विदा हो सकता है। अगले 2 से 3 दिन में वापसी की शुरुआत होने की संभावना है और 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून की विदाई हो सकती है।
अक्टूबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। हालांकि, कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हो सकती है। 3, 4 और 5 अक्टूबर को प्रदेश में कहीं भी बारिश होने का अनुमान नहीं है। इसके बाद 6 अक्टूबर को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में हल्की बारिश होने का अनुमान है।
इस मानसून सीजन में मध्यप्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच की तुलना में करीब 1.5 इंच कम है। प्रदेश में कुल मिलाकर सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश हुई है। क्षेत्रवार देखें तो पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि, कुछ जिलों में बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 प्रतिशत से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
पश्चिमी हिस्से में बारिश की कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 प्रतिशत से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। वहीं, प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत