मंदसौर में बदला मौसम का मिजाज, दिनभर हुई बारिश, गर्मी और उमस से राहत
मंदसौर, 18 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में तीन दिन तक उमस, तेज धूप और गर्मी के बाद शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से ही जिला मुख्यालय सहित जिले के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा। बारिश होने से जहां आम लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं किसानों के चेहरों पर भी राहत नजर आई।
इससे पहले मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को जिले में मौसम शुष्क रहा था। तेज धूप और उमस के कारण लोग परेशान रहे। पिछले 72 घंटे में जिले में महज 0.04 इंच बारिश दर्ज की गई थी। ऐसे में शुक्रवार को हुई बारिश ने मौसम को सुहावना कर दिया।
पिछले साल से 4.49 इंच कम बारिश
जिले में इस मानसून सीजन में अब तक औसतन 28.64 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि, यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 4.49 इंच कम है। पिछले साल 18 सितंबर तक जिले में औसतन 33.13 इंच बारिश दर्ज की गई थी। इस साल बारिश के आंकड़ों में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में भी अंतर देखने को मिल रहा है। कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम बारिश दर्ज की गई है।
जिले में इस मानसून सीजन में अब तक सबसे अधिक बारिश मल्हारगढ़ क्षेत्र में दर्ज की गई है। यहां 860 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है। इसके बाद सुवासरा में 822 मिलीमीटर और नाहरगढ़ में 797.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
गरोठ में अब तक 795.4 मिलीमीटर और मंदसौर में 677 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं भानपुरा में 756.6 मिलीमीटर तथा शामगढ़ में 672.2 मिलीमीटर बारिश हुई है। कयामपुर क्षेत्र में अब तक 619.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। शुक्रवार को हुई बारिश के बाद जिले में मानसून के आंकड़ों में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
पिछले तीन दिनों से तेज धूप और उमस के कारण आम जनजीवन प्रभावित था। शुक्रवार को बारिश होने के बाद तापमान में गिरावट के साथ मौसम में ठंडक महसूस की गई। बारिश से किसानों को भी राहत मिली है। खेतों में फसलों के लिए पानी की जरूरत के बीच हुई बारिश को कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी माना जा रहा है।
जिले में मानसून की स्थिति अब तक पिछले वर्ष की तुलना में कुछ कमजोर रही है। हालांकि, शुक्रवार को हुई बारिश से मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया