जल संकट के बीच इंदौर में फूटी नर्मदा की पाइपलाइन, लाखों लीटर पानी बहा

 


इंदौर, 15 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदाैर में कम बारिश के कारण आने वाले महीनों में संभावित जल संकट की चिंता के बीच गुरुवार सुबह नर्मदा की पाइपलाइन में लीकेज से बड़ी मात्रा में पानी सड़क पर बह गया।

बंगाली चौराहे से बायपास के बीच डीमार्ट के पास हुई इस घटना में पानी का बहाव इतना तेज था कि सड़क पर फव्वारे जैसी स्थिति बन गई। पानी भरने से अंडरपास को बंद करना पड़ा, जबकि घटना देखने के लिए राहगीरों के रुकने से यातायात भी प्रभावित हुआ। पाइपलाइन में खराबी के कारण बायपास क्षेत्र की आठ टंकियों से होने वाली जलापूर्ति प्रभावित हुई है। नगर निगम के मुताबिक, शुक्रवार को भी संबंधित क्षेत्रों में जलापूर्ति पर असर पड़ सकता है।

नगर निगम की जल कार्य समिति के प्रभारी अभिषेक बबलू शर्मा के अनुसार, बायपास पर भंडारी रिसोर्स के पास सड़क निर्माण कार्य के दौरान एक ट्रक नगर निगम की पानी की पाइपलाइन से टकरा गया। इससे पाइपलाइन के जॉइंट में लीकेज हो गया और पानी तेजी से बाहर निकलने लगा। सूचना मिलते ही निगम की टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत का काम शुरू किया। शर्मा के अनुमान के मुताबिक, घटना के दौरान करीब 3 से 4 एमएलडी पानी बह गया।

आठ टंकियों की जलापूर्ति पर असर

पाइपलाइन में लीकेज के कारण बायपास क्षेत्र की आठ टंकियों से होने वाली जलापूर्ति प्रभावित हुई है। निगम के मुताबिक, फिलहाल संबंधित क्षेत्रों में कम दबाव से पानी की सप्लाई की जा रही है। मरम्मत पूरी कर सामान्य जलापूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। खराबी और सुधार कार्य के चलते शुक्रवार को भी कुछ इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित रहने की आशंका है।

कम बारिश के बीच पानी की बर्बादी ने बढ़ाई चिंता

कम बारिश के कारण इंदौर में आगामी महीनों की पेयजल व्यवस्था को लेकर पहले से चिंता बनी हुई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव जल संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से 50 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज की मांग कर चुके हैं। वहीं, गुरुवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में जल संकट के मुद्दे पर दो महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं। ऐसे समय में नर्मदा की पाइपलाइन से बड़ी मात्रा में पानी बहने की घटना ने जल प्रबंधन और पाइपलाइन की सुरक्षा का मुद्दा फिर सामने ला दिया है। सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने से न केवल पानी की बर्बादी हुई, बल्कि शहर के कुछ हिस्सों में जलापूर्ति भी प्रभावित हुई।

जलूद में भी फॉल्ट से बंद हुए थे पंप

अभिषेक बबलू शर्मा ने बताया कि करीब 15 दिन पहले जलूद में हाईटेंशन लाइन पर बंदर के कूदने से फॉल्ट हो गया था। इसके कारण पहाड़ी क्षेत्र में पंप करीब दो घंटे तक बंद रहे थे। जलूद से इंदौर तक जंगलों और पहाड़ी क्षेत्र से होकर लगभग 70 किलोमीटर की दूरी से पानी पहुंचता है। ऐसे में इस मार्ग पर होने वाली तकनीकी खराबी का असर शहर की जलप्रदाय व्यवस्था पर पड़ सकता है। नगर निगम का कहना है कि पाइपलाइन में लीकेज की सूचना मिलने के बाद तत्काल सुधार कार्य शुरू कर दिया गया था। अब प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जलापूर्ति जल्द बहाल करने पर जोर है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे