शिशु के लिए प्रकृति का अनमोल उपहार है माँ का दूध- निर्मला भूरिया

 


झाबुआ, 01 अगस्त (हि.स.)। माँ का दूध शिशु के लिए प्रकृति का सबसे अनमोल उपहार है। यह शिशु का पहला, संपूर्ण एवं सर्वोत्तम आहार है, जो जन्म के साथ ही उसे स्वस्थ जीवन की मजबूत शुरुआत प्रदान करता है।

यह विचार मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने व्यक्त किए हैं। मंत्री ने यह बात शनिवार से आरंभ हुए विश्व स्तनपान सप्ताह (1 से 7 अगस्त) के अवसर पर जारी किए गए वक्तव्य में कही।

विश्व स्तनपान सप्ताह के मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि प्रत्येक नवजात को जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान कराया जाना चाहिए तथा जन्म से छह माह तक केवल माँ का दूध ही दिया जाना चाहिए। इससे शिशु के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास को मजबूती मिलती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

मंत्री ने कहा कि छह माह की आयु पूर्ण होने के बाद शिशु को घर का बना पौष्टिक पूरक आहार शुरू किया जाए, लेकिन कम से कम दो वर्ष तक स्तनपान जारी रखा जाए। इससे संक्रमण का खतरा कम होता है और बच्चे का समग्र रूप से बेहतर विकास होता है। उन्होंने कहा कि स्तनपान शिशु के साथ-साथ माताओं के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है तथा माँ और बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत बनाता है।

भूरिया ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण, स्तनपान एवं शिशु देखभाल संबंधी नियमित परामर्श और आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने सभी माताओं एवं परिवारों से अपील की कि वे अपने निकटतम आंगनवाड़ी केन्द्र से जुड़कर विभाग की सेवाओं का लाभ उठाएँ।

विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने सभी से आह्वान किया कि वे यह संकल्प लें कि प्रत्येक बच्चे को जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत मिले, प्रत्येक माँ को स्तनपान संबंधी सही जानकारी एवं सहयोग प्राप्त हो तथा परिवार और समाज मिलकर स्वस्थ, सशक्त एवं खुशहाल भविष्य के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाएँ।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा