जबलपुर के सिहोरा में दूसरे दिन भी हुआ हंगामा, आरोपियों को भेजा जेल
जबलपुर, 20 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा के आजाद चौक स्थित दुर्गा मंदिर में गुरुवार की रात हुई तोड़फोड़ से मचे बवाल के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को फिर हंगामा हुआ। हिंदू संगठनों ने थाने के सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इस मामले कई दुकानें तो गुरुवार रात से ही बंद थी लेकिन जो इक्का दुक्का दुकानें सुबह खुली थीं वे भी बंद कर दी गई और क्षेत्र में फिर तनाव के हालात बन गए। शुक्रवार की दोपहर फिर माहौल बिगड़ गया। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता जब थाने के सामने हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे उसी दौरान सिहोरा बस स्टैंड पर स्थित कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की गई जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि दुकानों में तोड़फोड़ कर रहे लोगों को खदेड़ने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया।
शुक्रवार की शाम को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी 49 आरोपियों को सिहोरा अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। आरोपियों की पेशी के दौरान कोर्ट के आसपास सैकड़ो लोगों की भीड़ नजर आई। कोर्ट की बाउंड्री वॉल के आसपास से लोग अंदर का पूरा नजारा देख रहे थे और पता करने की कोशिश कर रहे थे कि अंदर क्या चल रहा है ? लेकिन सुरक्षा बलों ने किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। बताया जा रहा है कि जिला अधिवक्ता संघ की ओर से आरोपियों की जमानत पर आपत्ति लगाई गई जिसके बाद उनकी जमानत निरस्त कर दी गई और सभी 49 आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
गुरुवार की रात से ही आजाद चौक समेत सिहोरा में संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात है। सुरक्षा का जिम्मा स्थानीय पुलिस के साथ एसटीएफ को सोपा गया है जो लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रही है । अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि इस मामले में 49 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और शांति भंग करने की विभिन्न धाराओं के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय गुरुवार की देर रात से ही सिहोरा में डेरा डाले हुए हैं उनके साथ अपर कलेक्टर और एसडीएम समेत पुलिस और प्रशासन के तमाम आला अधिकारी सिहोरा थाने में मौजूद हैं और सीसीटीवी कैमरों से सीधी निगरानी सिहोरा थाने में बैठे कर रहे हैं।
हिंदू समुदाय के लोगों में अभी भी इस घटना को लेकर आक्रोश बना हुआ है। हिंदू समुदाय के लोगों का कहना है कि दूसरे समुदाय के लोगों ने इस तरह की हरकत करके ठीक नहीं किया क्योंकि इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और वह इस हरकत को कभी नहीं भूल सकते क्योंकि इतने सालों में कभी ऐसा नहीं हुआ मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष शाकिर ने जो हरकत की है वह उसकी घोर निंदा करते हैं उसकी वजह से उनके दिल में चोट पहुंची है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक