30 साल से सड़क का इंतजार, कीचड़ में धान रोपकर ग्रामीणों ने जताया विरोध; बोले-चल नहीं सकते तो फसल ही उगा लेंगे

 




उमरिया, 31 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से विकास के दावों पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। 30 वर्षों से सड़क की समस्या झेल रहे ग्रामीणों ने अब अनोखे तरीके से विरोध जताया। सड़क पर भरे कीचड़ में ग्रामीणों ने धान के पौधे रोपकर अपना आक्रोश जाहिर किया। इस विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

मामला बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मानिकपुरी के ग्राम कारीगड़हरी का बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में सड़क की हालत इतनी खराब है कि बारिश के दिनों में यहां से निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। कीचड़ और फिसलन के कारण बाइक सवारों के गिरकर घायल होने की घटनाएं भी होती हैं।

सड़क पर ही धान रोपने उतर आए ग्रामीण

लगातार परेशानी झेलने के बाद गांव के युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चियां हाथों में धान के पौधे लेकर सड़क पर पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने कीचड़ से भरी सड़क पर ही धान की रोपाई शुरू कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क पर चलना ही मुश्किल है और लंबे समय से उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने सरकार और प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए यह तरीका अपनाया है।

'जब से पैदा हुए हैं, तब से यही कीचड़ देख रहे'

गांव के युवा सुरेश सिंह गोंड ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि जब से उन्होंने होश संभाला है, तब से सड़क की यही स्थिति देख रहे हैं। उनके मुताबिक बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है। बेमौसम बारिश होने पर भी गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीण ने कहा कि उनके पिता की पीढ़ी से लेकर अब तक ग्रामीण सड़क निर्माण के लिए प्रशासन, सरपंच, सरकार और स्थानीय विधायक से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने विरोध के दौरान तंज कसते हुए कहा कि जब वे सड़क पर चल ही नहीं सकते तो शायद यहां धान की फसल ही उग जाए और सरकार को शर्म आए, जिसके बाद सड़क का निर्माण हो सके।

कुछ दिन पहले नदी पार करते बच्चों का वीडियो हुआ था वायरल

कारीगड़हरी गांव पहले भी बदहाल आवागमन को लेकर चर्चा में आ चुका है। कुछ समय पहले यहां बच्चों के नदी पार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। अब सड़क की स्थिति को लेकर ग्रामीणों के इस प्रदर्शन ने गांव की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े सवाल फिर खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में सड़क की हालत के कारण बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की आवाजाही और जरूरी कामों के लिए बाहर जाना तक मुश्किल हो जाता है।

प्रशासन ने जल्द सड़क बनवाने का दिया भरोसा

मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद जनपद पंचायत करकेली के सीईओ हिमांशु सिंह ने वीडियो देखने की बात कही है। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद इंजीनियर को मौके पर भेजकर सड़क की स्थिति का निरीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद स्टीमेट तैयार होने के आधार पर सड़क निर्माण जल्द कराने की बात कही गई है।

विकास के दावों के बीच उठे सवाल

ग्रामीणों का यह प्रदर्शन ऐसे समय सामने आया है जब प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर लगातार योजनाओं और उपलब्धियों का दावा किया जाता है। कारीगड़हरी की सड़क की स्थिति ने इन दावों के बीच जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब देखना होगा कि ग्रामीणों के इस अनोखे विरोध के बाद प्रशासन की कार्रवाई कितनी जल्दी जमीन पर दिखाई देती है और तीन दशक से सड़क का इंतजार कर रहे ग्रामीणों को आखिर कब पक्की सड़क की सुविधा मिलती है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्‍द्र त्रिपाठी