अनूपपुर: युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, ग्रामीणों ने सड़क में शव रखकर किया प्रदर्शन
अनूपपुर, 23 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा थाना क्षेत्र के ग्राम पकरिहा में एक युवक ने धमकियों और न्याय न मिलने से आहत होकर आत्महत्या कर ली। बुधवार रात घर से सटे जंगल में फांसी लगाकर उसने अपनी जान दे दी। गुरुवार सुबह परिजनों ने शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा के सामने तिराहे पर रखकर प्रदर्शन करते हुए न्याय की मांग की। विरोध प्रदर्शन के कारण 1 घंटे तक सड़क पर लंबा जाम लग गया और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। पुलिस की समझाईस के बाद जाम समाप्त हुआ।
परिजनों ने आरोप लगाया कि गांव के मृतक 24 वर्षीय राजेश गुप्ता पुत्र दशरथ गुप्ता निवासी ग्राम पकरिहा को तीरथ साहू, लल्लू साहू, बेसाहु यादव और बेसाहु के बेटे ने एक सुनसान जगह पर ले जाकर धमकाया और जान से मारने की धमकी दी थी। इस घटना से भयभीत राजेश गुप्ता ने बुधवार शाम कोतमा थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी जानकारी दी थी। पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
परिजनों ने थाना प्रभारी कोतमा रत्नाम्बर शुक्ला पर भी आरोप लगाया है कि उन्होंने पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार नहीं किया, बल्कि उसे फटकार लगाकर थाने से भगा दिया। लगातार मिल रही धमकियों और न्याय की उम्मीद टूटने से मानसिक रूप से आहत राजेश गुप्ता ने घर लौटकर फांसी लगा ली। घटना के बाद से परिजनों में गहरा आक्रोश है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। वे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं।
इस मामले में कोतमा थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ला ने बताया कि युवक की शिकायत से पहले धूमकाही गांव से यादव समाज के कुछ लोग थाने आए थे। उन्होंने शिकायत की थी कि राजेश उनकी बहन के घर मोबाइल लेकर गया था और पहले भी छेड़छाड़ कर रहा था। आज भी वह वहां गया था, जिसके बाद उसे समझा-बुझाकर डांटकर भगा दिया गया था।
वहीं मृतक के परिजनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोपियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग करते विरोध जाता रहे है। फिलहाल पुलिस परिवार वालों के बयान दर्ज कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला