अनूपपुर: अपर नर्मदा बांध परियोजना का विरोध में 10 गांवों के ग्रामीणों ने किया प्रर्दशन
अनूपपुर, 11 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ में प्रस्तावित अपर नर्मदा बांध परियोजना के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। परियोजना के विरोध में 10 गांवों के हजारों ग्रामीणों के साथ आदिवासी संगठनों और साधु-संतों ने भी हुंकार भरी।प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को प्रोजेक्ट को तुरंत निरस्त करने की मांग पत्र सौपा।
जिले के पुष्पराजगढ़ में प्रस्तावित अपर नर्मदा बांध परियोजना के खिलाफ शनिवार को 1 0 गांवों के हजारों ग्रामीणों के साथ आदिवासी संगठनों और साधु-संतों ने भी हुंकार भरी। ग्रामीणों का कहना है कि 983 करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से बनने वाले इस 33 मीटर ऊंचे बांध के कारण हजारों आदिवासी परिवार बेघर हो जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने पेसा कानून और पांचवीं अनुसूची का हवाला देते हुए कहा कि ग्राम सभाओं की सहमति के बिना इस परियोजना को मंजूरी देना उनके अधिकारों का हनन है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कदम पीछे नहीं खींचे, तो पुष्पराजगढ़ बंद किया जाएगा।
धार्मिक स्थल और पर्यावरण को नुकसान
ज्ञापन में बताया गया कि बांध बनने से नर्मदा के उद्गम स्थल का जल स्रोत प्रभावित हो सकता है। साथ ही, शोभापुर और परसवाड के बीच स्थित धार्मिक स्थल 'करबे मट्ठा करम श्रीदेवी स्थल' और शिवनी संगम पर स्थित प्राचीन कल्पवृक्ष भी जलमग्न होकर नष्ट हो जाएंगे। इस प्रोजेक्ट से खेतगांव, थार पाथर और कोयलारी सहित कुल 10 गांव सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
पहले से चल रही परियोजनाओं से बढ़ी नाराजगी
अपर नर्मदा किसान संघर्ष मोर्चा के अनुसार, क्षेत्र में पहले से ही राघवपुर पावर प्रोजेक्ट और बसनीया बहुउद्देशीय परियोजना का काम चल रहा है। इन सभी प्रोजेक्ट्स को मिलाकर करीब 14,000 परिवारों के विस्थापित होने का खतरा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी जमीन और संस्कृति को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे और आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला