विदिशा हाईवे पर बड़ा हादसा टला, चलती स्लीपर बस में लगी भीषण आग, चालक की सूझबूझ से बचीं यात्रियों की जान

 




विदिशा, 16 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के ग्यारसपुर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह नेशनल हाईवे पर ग्राम पीपलखेड़ा के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सागर से इंदौर जा रही एक एसी स्लीपर कोच बस में अचानक भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि चालक की सतर्कता से सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार सुबह करीब 5:45 बजे यात्रियों ने बस से धुआं उठता देखा। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक ने तुरंत बस को सड़क किनारे रोका और यात्रियों को नीचे उतरने के लिए कहा। नींद में सफर कर रहे यात्रियों में अचानक चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए जल्दबाजी में बस से बाहर निकले। कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई और देखते ही देखते धू-धू कर जलने लगी।

सामान जलकर खाक, हाईवे पर मचा हड़कंप

आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को अपना सामान तक निकालने का मौका नहीं मिला। बस में रखा सामान, कपड़े और अन्य जरूरी वस्तुएं जलकर राख हो गईं। घटना के बाद हाईवे पर दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार दिखाई देता रहा, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यदि चालक समय पर बस नहीं रोकता तो बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि अधिकांश यात्री उस समय गहरी नींद में थे।

रात में ही आई थी तकनीकी खराबी

यात्रियों ने पुलिस को बताया कि रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच बस में तकनीकी खराबी आई थी। खासतौर पर एसी सिस्टम में दिक्कत आने पर बस को कुछ देर रोककर मरम्मत भी की गई थी। इसके बाद बस को दोबारा रवाना कर दिया गया, लेकिन सुबह अचानक धुआं उठने के बाद आग फैल गई। प्राथमिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी मानी जा रही है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

चालक-परिचालक मौके से गायब

घटना की सूचना मिलते ही ग्यारसपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी गोकुल प्रसाद अजनेरिया ने बताया कि घटनास्थल पर 9 से 10 यात्री मिले, जबकि चालक और परिचालक वहां से जा चुके थे। पुलिस ने सभी यात्रियों को सुरक्षित दूसरी बस से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया। पुलिस अब बस कंपनी से संपर्क कर रही है और चालक-परिचालक से पूछताछ की तैयारी की जा रही है, ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने लंबी दूरी की यात्री बसों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि तकनीकी खराबी आने के बावजूद बस को आगे रवाना करना गंभीर लापरवाही हो सकती है। ऐसे में परिवहन विभाग की निगरानी और नियमित जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे