जबलपुरः शहर में 14 केंद्रों पर दो सत्रों में होगी राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा

 


जबलपुर, 25 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा 26 अप्रैल को आयोजित की जा रही राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 जबलपुर शहर में 14 परीक्षा केंद्रों पर होगी। इस परीक्षा को पूरी तरह निर्विघ्न, सुव्यवस्थित और शुचितापूर्ण रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रशासन ने तैयारी कर ली है।

संभागायुक्त कार्यालय द्वारा शनिवार को जानकारी दी गई कि इस बार परीक्षा के दौरान सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए जाएंगे, जिसके तहत केंद्रों पर नई त्रिस्तरीय जांच प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से लागू किया गया है। परीक्षा रविवार, 26 अप्रैल को दो सत्रों में संपन्न होगी, जहाँ पहला सत्र सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 02:15 बजे से 04:15 बजे तक रहेगा।

परीक्षा की पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए इस बार त्रिस्तरीय नवीन जांच प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। जिसमें बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, प्रवेश पत्र की स्कैनिंग और एचएचएमडी के माध्यम से दोनों सत्रों में होगी। इस नई व्यवस्था अंतर्गत परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से ठीक 90 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य कर दिया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षार्थी अपने साथ केवल आवश्यक बॉलपेन, पारदर्शी पानी की बोतल, ई-प्रवेश पत्र और अपना पहचान पत्र ही ले जा सकेंगे। सुरक्षा जांच के दौरान महिला परीक्षार्थियों की तलाशी महिला वीक्षकों द्वारा अलग केबिन में की जाएगी, जबकि पुरुष परीक्षार्थियों की जांच पुरुष कर्मचारी करेंगे। इसके साथ ही ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को यह विशेष विकल्प दिया गया है कि वे अपनी जांच पुरुष या महिला, किसी भी कर्मचारी से करा सकते हैं। परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर ही वर्जित और अनुमत वस्तुओं की विस्तृत सूची चस्पा की जाएगी, ताकि परीक्षार्थियों को किसी भी तरह के भ्रम का सामना न करना पड़े और परीक्षा की गरिमा बनी रहे।

परीक्षार्थियों के लिए वर्जित वस्तुएं के संबंध में निर्देश दिये गये हैं कि परीक्षार्थी अपने कपड़ों, कफलिंक, धूप का चश्मा, इलेक्ट्रॉनिक, सेंसर युक्त चश्में, जूते-मोजे, हाथ के बैंड इत्यादि में नाना प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का प्रयोग करते है। अतः परीक्षा में किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के उपयोग को रोकने के लिए परीक्षा कक्ष में जूते-मोजे पहनकर प्रवेश वर्जित होगा। परीक्षार्थी चप्पल व सेण्डल पहनकर आ सकते हैं।

चेहरे को ट्रैक कर परीक्षा कक्ष में प्रवेश वर्जित होगा। परीक्षा में पेंसिल, रबर व व्हाईटनर एवं एसेसरीज जैसेः- बालों को बांधने का क्लचर-बक्कल, सभी प्रकार की घड़ियाँ, हाथ में पहने जाने वाले मैटेलिक-चमड़े के बैंड, कमर में पहने जाने वाले बेल्ट, धूप में पहने जाने वाले चश्मे, पर्स-वॉलेट, टोपी, वर्जित है। हिजाब, पगड़ी, पल्ला, हाथ में बंधे धागे-बंधन व ताबीज़ का सम्मानपूर्वक सूक्ष्मता से परीक्षण किया जाएगा। धार्मिक धागे व महिलाओं के आभूषण उतारे नहीं जाएं।

परीक्षार्थियों के कक्ष में जाने के पूर्व वीक्षक परीक्षार्थियों की तलाशी ले एवं यह सुनिश्चित करें कि परीक्षार्थी कक्ष में वर्जित वस्तुएं लेकर प्रवेश न करें। विशेषतः महिला अभ्यर्थियों की तलाशी पूर्ण गरिमा के साथ महिला अधिकारी-कर्मचारी द्वारा ही ली जावें। महिला अभ्यर्थियों के दुपट्टे-चुन्नियाँ भली भांति जाँच कर तुरंत वापस लौटा दिये जायेंगे।

परीक्षा में अनुमत वस्तुएं

राज्य सेवा व राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2006 के लिए परीक्षार्थियों को लिए अनुमत वस्तुओं की सूची जारी की गई है। जिसमें ई-प्रवेश पत्र, वैध पहचान पत्र, गोले बनाने हेतु निर्धारित स्याही का पेन, स्वयं का फोटोग्राफ, पानी की पारदर्शी बॉटल, दिव्यांग परीक्षार्थियों हेतु उनके लिए आवश्यक सामग्री, अन्य कोई सामग्री जो ई-प्रवेश पत्र में निर्दिष्ट हो शामिल हैं।

परीक्षा कक्ष में वर्जित वस्तुएं

राज्य सेवा व राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2006 के लिए परीक्षार्थियों को लिए वर्जित वस्तुओं की सूची जारी की गई है। जिसमें पेंसिल, रबर, व्हाइटनर, स्केल, बैग्स, पठन सामग्री, आई.टी. गैजेट्स व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, पेनड्राइव, कैल्कुलेटर, ब्लूटूथ, हैंडफी, डिजिटल घड़ी, स्मार्ट घड़ी, एनालॉग घड़ी, कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या अन्य कोई ऐसे उपकरण जो संचार उपकरण के रूप में उपयोग किए जाते हैं। एसेसरीज़ जैसेः- बालों को बांधने वाले क्लचर-बक्कल, हाथ के बैंड-हाथ में पहने जाने वाले मैटेलिक बैंड चमड़े के बैंड, कमर में पहने जाने वाले बैल्ट, कफलिंक, धूप का चश्मा, पर्स-वॉलेट, टोपी शामिल हैं।

इसके साथ ही अन्य वस्तुएं जैसेः- चाबी, लाइटर्स - माचिस बॉक्स, किसी भी प्रकार के अस्त्र शस्त्र, शार्पनर, ब्लेड तथा अन्य कोई कीमती सामान साथ ही जूते-मोजे पहनकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश निषिद्ध है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक