अनूपपुर: युवक की मौत पर बबाल, सड़क पर शव रख ग्रमीणों ने किया लगाया 5 घंटे का जाम
अनूपपुर, 18 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र में 30 वर्षीय युवक छोटे सिंह की मौत के बाद परिजनों ने शनिवार शाम रीवा-अमरकंटक मुख्य मार्ग पर जुहिला पुल के पास शव रखकर चक्का जाम कर दिया।
परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए घटना में जिम्मे दारों को निलंबिन एवं विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) को हटाने की मांग पर अडे है। इस घटना से दोनों दिशाओं में यातायात बाधित हो गया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार को भीड़ ने यह कह कर जाने को कहा कि वरिष्ठ अधिकारी को भेजें। शाम 7 बजे कलेक्टर हर्षल पंचोली के निर्देश पर मौके पर पहुंचे अधिकारियों के साथ जिले के वरिष्ठ चिकित्सक एससी राय ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया जिसके बाद लगभग 5 घंटे के बाद जाम खत्म हुआ।
ज्ञात हो कि भीषण गर्मी में शव को 10-12 घंटे से ऐसे ही रखा गया था। शव के सडने ,संक्रमण फैलने जैसे अन्य खतरों को लोगों ने महसूस किया। वहीं आन्दोलन समाप्त होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण छोटे सिंह की जान गई है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही नहीं चलेगी' जैसे नारे लगा रहे हैं और इस अव्यवस्था के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
राजेंद्रग्राम थाना प्रभारी पीसी कोल ने बताया कि छोटे सिंह शनिवार सुबह अमरकंटक थाना क्षेत्र के पहाड़ी इलाके में घायल अवस्था में मिले थे। उन्हें उपचार के लिए अमरकंटक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखते हुए राजेंद्रग्राम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया। रेफर किए जाने के बावजूद, घायल को ले जाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। लगभग 4-5 घंटे इंतजार के बाद, छोटे सिंह को किसी तरह राजेंद्रग्राम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।
घटना अमरकंटक थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत करौंदा टोला में सुबह पांच बजे 32 वर्षीय छोटे सिंह नेताम को गांव के लोगों ने सड़क किनारे अचेत अवस्था में पाया, जिसे परिजनों ने सुबह सात बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ में भर्ती कराया जहां उनका प्राथमिक उपचार में युवक के सिर में गहरी चोट होने के कारण खून का रिसाव लगातार हो रहा था, डॉक्टर ने जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया लेकिन एंबुलेंस नहीं दी गई, जबकि एंबुलेंस चिकित्सालय में उपलब्ध थी। जब 108 में कॉल करने के बाद लगभग एक घंटे बाद एम्बुलेंस बुढार से आई तब जिला चिकित्सालय भेजा गया। जहांसे डॉक्टरों ने तुरंत जबलपुर के लिये रेफर कर दिया।
जिसे राजेंद्रग्राम मार्ग से जबलपुर ले जाया जा रहा था रास्ते में युवक ने दम तोड़ दिया। पुनः पुष्पराजगढ़ स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। जिससे परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। लगभग पांच घंटे से रोड जाम है। मौके पर पहुंची पुलिस एवं तहसीलदार ईश्वर प्रधान ने मृतक के परिजनों को स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई करने एवं मृतक के मृत्यु का कारण जानने का लिखित आश्वासन देने को तैयार हैं लेकिन परिजन वरिष्ठ अधिकारियों का मौके पर आकर आश्वासन देने की मांग की।
कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि परिजनों की मांग के अनुसार प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा चर्चा की गई है। जिसमें मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, बीएमओ पर भी प्रशासनिक जांच कर कार्रवाई होगी। मृतक को संबल योजना का पत्रता देखते हुए 4 लाख रुपए सहायता की आर्थिक मदद भी की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला