झाबुआ: दंडवत प्रणाम यात्री का ज्ञापन लेने नहीं आईं कलेक्टर; जद्दोजहद के बाद विरोध स्वरूप किया गया हनुमान चालीसा का पाठ

 










झाबुआ, 22 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर कार्यालय के बाहर आज उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब गौरक्षा एवं गौसम्मान के निमित्त थांदला के युवक द्वारा दंडवत प्रणाम यात्रा के माध्यम से किए जा रहे शांति पूर्ण आंदोलन के समापन पर राष्ट्रपति के नाम दिए जाने वाले ज्ञापन लेने जिला कलेक्टर नहीं पहुंचीं।

दंडवत प्रणाम यात्री एवं उक्त यात्रा का समर्थन कर रहे बड़ी संख्या में वहां मौजूद आंदोलनकारी जिला कलेक्टर को ज्ञापन देने हेतु अड़े हुए थे, ऐसे में वहां मौजूद अन्य प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस तथा आंदोलन कारियों के बीच काफी समय तक जद्दोजहद चलती रही ओर आंदोलनकारियों द्वारा विरोध स्वरूप वहां धरना शुरू कर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया गया। बाद में समझाइश के बाद आंदोलनकारी जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिए जाने पर सहमत हो गए, ओर इस तरह कलेक्टर कार्यालय के बाहर हो रहे हंगामे का पटाक्षेप हुआ।

गौरतलब है कि जिले के थान्दला निवासी एक युवक द्वारा पिछले एक सप्ताह से गौरक्षा एवं गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिए जाने सहित सात सूत्रीय मांगों के समर्थन मे 16 फरवरी से थांदला से झाबुआ तक करीब 32 किलोमीटर की दण्डवत प्रणाम यात्रा रुपी आंदोलन शुरू किया गया था, ओर आज रविवार को यात्रा समापन पर जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाना था।

थांदला से आरंभ की गई यह दंडवत प्रणाम यात्रा जैसे जैसे आगे बढ़ती गई, लोग इस मुद्दे को समर्थन देते हुए शरीक होते गए, ओर कलेक्टर कार्यालय पहुंचते-पहुंचते बड़ी संख्या में लोग शरीक हो गए। क्षैत्रिय विधायक, थांदला वीर सिंह भूरिया सहित कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी वहां पहुंच कर आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए प्रदेश और देश में गौहत्या एवं गाय की उपेक्षा हेतु भाजपा सरकारों को आड़े हाथों लिया, जबकि कुछ युवकों ने अपने रक्त से चिन्ह बनाकर इस मुद्दे पर अपना समर्थन व्यक्त किया।

रविवार को उक्त यात्रा अपने अंतिम पड़ाव पर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंची थी, किंतु उसे पुलिस द्वारा बेरिकेडिंग कर कुछ दूरी पर ही सबको रोक दिया गया। दंडवत प्रणाम यात्रा कर रहे यश राठौड़ में जिला कलेक्टर को अपनी सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देना चाहते थे, किंतु जिला कलेक्टर नेहा मीना गौरक्षा के निमित्त किए जा रहे आंदोलन के तहत दिए जाने वाले ज्ञापन को लेने वहां नहीं पहुंची, तो गौ सम्मान के मुद्दे पर यश के साथ एकजुट हुए थे आंदोलनकारी खिन्न हो गए। वहां मौजूद अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दंडवत प्रणाम यात्रा के रूप में आंदोलन कर रहे लोगों को आज रविवार के अवकाश का हवाला देते हुए एवं कलेक्टर की व्यस्तता बताते हुए तहसीलदार को ज्ञापन देने हेतु कहते रहे, किंतु मौजूद लोग इस बात पर अड़े रहे कि वे जिला कलेक्टर को ही अपना ज्ञापन देंगे। इस बात को लेकर काफी समय तक जद्दोजहद होती रही, ओर विरोध स्वरूप खिन्न होकर आंदोलनकारियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया, बाद में समझाइश के बाद आंदोलनकारी मान गए और जिला पुलिस अधीक्षक डॉ शिवदयाल को ज्ञापन देने पर सहमत हो गए और इस तरह काफी समय से चल रहे हंगामे का पटाक्षेप हो गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा