भोपाल निगम परिषद की बैठक में कमीशन वाले बयान पर हंगामा, भाजपा पार्षदों ने घेरी अध्यक्ष की आसंदी

 




-नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी बोलीं- ‘मैं कमीशन नहीं लेती, किसी पर आरोप नहीं लगाया’, माफी मांगने से किया इनकार

भोपाल, 24 अक्टूबर (हि.स.)। भाेपाल नगर निगम परिषद की शनिवार को हुई बैठक में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के ‘मैं कमीशन नहीं लेती’ बयान पर जमकर हंगामा हुआ। भाजपा पार्षदों ने बयान पर आपत्ति जताते हुए अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की आसंदी घेर ली और जकी से माफी मांगने की मांग की।

अध्यक्ष ने उनके शब्दों को आपत्तिजनक बताते हुए कार्यवाही से विलोपित करने की बात कही, लेकिन जकी ने माफी मांगने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘मैंने किसी पर आरोप नहीं लगाया, अपने बारे में कहा है कि मैं कमीशन नहीं लेती।’ विवाद के चलते सदन की कार्यवाही करीब 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

आईएसबीटी स्थित मीटिंग हॉल में हुई बैठक की शुरुआत में अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने सरकार द्वारा नियुक्त 12 एल्डरमैन और नए निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार का परिचय कराया। अहिरवार ने तीन दिन पहले ही पदभार संभाला है। बैठक शुरू होते ही छुट्टी के दिन सम्मेलन बुलाने पर नेता प्रतिपक्ष ने आपत्ति जताई थी, लेकिन अध्यक्ष की समझाइश के बाद कार्यवाही आगे बढ़ी।

बैठक में नए निगम मुख्यालय के सर्विस ब्लॉक और कैफेटेरिया को किराए पर देने के प्रस्ताव पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। इसके अलावा अमृत 2.0 योजना के लिए 493.49 करोड़ रुपए के ऋण प्रस्ताव, दूषित पानी, तालाबों की स्थिति, सफाईकर्मियों की कमी और सरकारी स्कूलों के विकास के लिए शिक्षा उपकर की राशि खर्च करने जैसे मुद्दे उठे। हंगामे और विपक्ष की आपत्तियों के बीच कई प्रस्ताव बहुमत से पारित किए गए।

‘मैं कमीशन नहीं लेती’ बयान पर आमने-सामने आए भाजपा-कांग्रेस पार्षद

नए निगम मुख्यालय के सर्विस ब्लॉक और कैफेटेरिया को किराए पर देने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा, ‘मैं कमीशन नहीं लेती।’ इस बयान पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई। एमआईसी सदस्य रविंद्र यती सहित भाजपा के अन्य पार्षदों ने उनसे माफी मांगने की मांग की। उनका कहना था कि सदन में इस तरह के बयान नहीं दिए जाने चाहिए।

विवाद बढ़ने पर भाजपा पार्षद अध्यक्ष की आसंदी के पास पहुंच गए। अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने जकी से अपने शब्द वापस लेने और माफी मांगने को कहा। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों और सबूतों के इस तरह के आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। ऐसे शब्दों को कार्यवाही से विलोपित किया जाएगा और भविष्य में ऐसी स्थिति बनने पर कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

जकी बोलीं- किसी का नाम नहीं लिया, वीडियोग्राफी देख लें

नेता प्रतिपक्ष ने माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति पर आरोप नहीं लगाया है। उन्होंने कहा, ‘मैंने कहा था कि मैं कमीशन नहीं लेती। किसी पर आरोप नहीं लगाया। वन-टू-वन बता दीजिए, वीडियोग्राफी भी देख सकते हैं।’ जकी ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने बारे में बात कही है और किसी का नाम नहीं लिया।

कांग्रेस पार्षद भी उनके समर्थन में उतर आए। उन्होंने भाजपा पार्षदों पर बयान को बेवजह तूल देने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के बीच बढ़ती बहस के कारण अध्यक्ष को कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

निगम मुख्यालय का सर्विस ब्लॉक और कैफेटेरिया 20 साल तक किराए पर देने का प्रस्ताव पारित

बैठक में नए निगम मुख्यालय के सर्विस ब्लॉक और कैफेटेरिया को किराए पर देने का प्रस्ताव भी विवादों में रहा। एमआईसी सदस्य जगदीश यादव ने प्रस्ताव रखा। इसके तहत सर्विस ब्लॉक और कैफेटेरिया को अधिकतम 20 साल तक किराए पर देने का प्रावधान किया गया है। इसमें 10 साल की अवधि के बाद अगले 10 साल के लिए नवीनीकरण का विकल्प शामिल है।

कांग्रेस पार्षदों ने प्रस्ताव और एजेंडे की स्पष्टता पर सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने एजेंडे को स्पष्ट नहीं बताते हुए प्रस्ताव वापस लेने की मांग की। वहीं, भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव और एमआईसी सदस्य रविंद्र यती ने इसे निगम की आय बढ़ाने वाला कदम बताया। महापौर मालती राय ने स्पष्ट किया कि कैफेटेरिया किराए पर दिया जाएगा, जबकि नीचे के हिस्से को बैंक आदि के लिए लीज पर देने की योजना है। विरोध के बावजूद प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया गया।

अमृत 2.0 के 493.49 करोड़ के ऋण पर भी सवाल

बैठक में अमृत 2.0 योजना के लिए 493.49 करोड़ रुपए के ऋण प्रस्ताव पर चर्चा हुई। एमआईसी सदस्य जितेंद्र शुक्ला ने योजना के पक्ष में जानकारी रखी। भाजपा पार्षदों ने प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने बड़े तालाब में गंदगी मिलने और जलाशयों के रखरखाव पर सवाल उठाए।

कांग्रेस पार्षद अजीजउद्दीन ने पुराने शहर के तालाबों की अनदेखी का मुद्दा उठाया और योजना दूसरे विभाग को सौंपने का सुझाव दिया। पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान, अशोक मारण और देवांशु कंसाना ने भी आपत्तियां दर्ज कराईं। उन्होंने ठेका कंपनी अंकिता कंस्ट्रक्शन की फाइल की जांच कराने की मांग की। विपक्ष के विरोध के बीच ऋण प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया गया।

सोन चिरैया हॉकर्स कॉर्नर का प्रस्ताव वापस

गर्ल्स कॉलेज के पास सोन चिरैया हॉकर्स कॉर्नर को किराए पर देने का प्रस्ताव भी बैठक में आया। इससे पहले छात्राओं की सुरक्षा को लेकर आपत्तियां उठी थीं। नए प्रस्ताव में परिसर और आसपास 24 घंटे सीसीटीवी चालू रखने तथा सुरक्षा गार्ड तैनात करने की शर्त रखी गई थी। इसमें तीन साल के किराए और अगले तीन साल के नवीनीकरण का प्रावधान भी था। हालांकि, एमआईसी सदस्य जगदीश यादव ने कुछ संशोधन की जरूरत बताते हुए प्रस्ताव वापस ले लिया। इसके बाद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

दूषित पानी, शिक्षा उपकर और सफाईकर्मियों की कमी के मुद्दे भी उठे

बैठक में दूषित पानी की शिकायतों और जांच का मुद्दा भी उठा। कांग्रेस पार्षद देवांशु कंसाना के सवाल पर एमआईसी सदस्य रविंद्र यती ने बताया कि पानी के चार सैंपल फेल हुए थे, जो निजी ट्यूबवेल के थे। उन्होंने 901 गंदे पानी की शिकायतों का निराकरण किए जाने की जानकारी दी। कंसाना ने अपने वार्ड में चार इंच के बजाय छह से आठ इंच की पाइपलाइन बिछाने की मांग की। भाजपा पार्षद सुरेंद्र बाडिका और एमआईसी सदस्य मनोज राठौर ने भी इस मांग का समर्थन किया।

वार्ड-46 के कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने शिक्षा उपकर से मिलने वाली राशि और सरकारी स्कूलों में हुए विकास कार्यों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उपकर वसूले जाने के बावजूद स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए पर्याप्त राशि खर्च नहीं की जा रही। इस पर अध्यक्ष ने निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार को शिक्षा उपकर की राशि सरकारी स्कूलों के विकास कार्यों में खर्च करने की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।

कांग्रेस पार्षद मो. सरवर ने सभी 85 वार्डों में सफाईकर्मियों की कमी का आकलन कर जरूरत के अनुसार भर्ती करने की मांग की। वहीं, अशोक मारण ने संत नगर में विसर्जन घाट का निर्माण शुरू नहीं होने का मुद्दा उठाया। बैठक में दिशा सूचक बोर्डों पर नेताओं के फोटो और विज्ञापनों, अवैध होर्डिंग्स तथा निगम की आय बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे