राजगढ़ उपभोक्ता आयोग का व्हर्लपूल कंपनी को झटका, फ्रिज का डोर बदलने और 10 हजार रुपये मुआवजा देने के निर्देश

 




राजगढ़, 31 जुलाई (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के राजगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने रेफ्रिजरेटर निर्माता कंपनी व्हर्लपूल ऑफ इंडिया लिमिटेड को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने कंपनी को दो माह के भीतर खराब रेफ्रिजरेटर का निचला डोर बदलने तथा उपभोक्ता को मानसिक और आर्थिक क्षति के लिए 10 हजार रुपये का मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।

अधिवक्ता जे.पी. शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि राजगढ़ निवासी एवं पुलिस विभाग में कार्यरत दिनेश कुमार बैरागी ने स्थानीय विवेक इंटरप्राइजेज से व्हर्लपूल कंपनी का डबल डोर रेफ्रिजरेटर खरीदा था। कुछ समय बाद फ्रिज के निचले दरवाजे का कांच स्वतः चटकने लगा और उसके टुकड़े अंदर तथा बाहर गिरने लगे। इससे रेफ्रिजरेटर की उपयोगिता और स्वरूप दोनों प्रभावित हुए।

उपभोक्ता ने इस संबंध में विक्रेता और कंपनी से शिकायत की। शिकायत के बाद मैकेनिक ने मौके पर पहुंचकर जांच की और खराबी की पुष्टि की। उसने क्षतिग्रस्त हिस्से पर रेडियम लगाने का सुझाव दिया, लेकिन उपभोक्ता ने इसे स्थायी समाधान मानने से इनकार करते हुए नया डोर लगाने की मांग की। दुकानदार ने शिकायत कंपनी तक पहुंचाने का आश्वासन दिया, लेकिन लंबे समय तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।

लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर दिनेश कुमार बैरागी ने अधिवक्ता जे.पी. शर्मा के माध्यम से जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में परिवाद दायर किया।

मामले की सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष सुरेश कुमार चैबे तथा सदस्य सुरेंद्र सक्सेना और श्रीमती सीमा सक्सेना की पीठ ने कंपनी की ओर से सेवा में कमी मानते हुए उपभोक्ता के पक्ष में निर्णय सुनाया। आयोग ने कंपनी को दो माह के भीतर रेफ्रिजरेटर का नया निचला डोर उपलब्ध कराने और 10 हजार रुपये क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश दिया।

उपभोक्ता अधिकारों के जानकारों का मानना है कि यह फैसला उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा और कंपनियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक