अटेर चंबल पुल का निर्माण पूरा कराने के लिए सिंधिया ने सीएम योगी को लिखा पत्र, वन विभाग की एनओसी जल्द जारी करने का आग्रह

 




भिंड, 10 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भिंड जिले की बहुप्रतीक्षित अटेर चंबल पुल परियोजना को पूरा कराने की दिशा में पहल करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने चंबल नदी पर निर्माणाधीन अटेर पुल के शेष कार्य को शीघ्र पूरा कराने के लिए उत्तर प्रदेश वन विभाग की लंबित अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जल्द जारी कराने का आग्रह किया है।

बताया गया है कि अटेर चंबल पुल मध्य प्रदेश के भिंड जिले और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। लंबे समय से निर्माणाधीन इस परियोजना का कार्य उत्तर प्रदेश की सीमा में वन विभाग की अनुमति लंबित होने के कारण अधूरा है।

सिंधिया ने अपने पत्र में कहा है कि पुल के पूरा होने से दोनों राज्यों के बीच आवागमन सुगम होगा। साथ ही व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने परियोजना को क्षेत्र के विकास और लाखों लोगों की लंबे समय से चली आ रही अपेक्षाओं से जुड़ा बताया।

इस मुद्दे को भारतीय जनता युवा मोर्चा, भिंड के जिला उपाध्यक्ष एवं ब्राह्मण अंतरराष्ट्रीय संगठन ट्रस्ट के प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष शिवशंकर समाधिया खेरी ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष उठाया था। उन्होंने अटेर क्षेत्र की जनता की ओर से पुल निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर कराने का अनुरोध किया था।

केंद्रीय मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कराने और वन विभाग की लंबित एनओसी जारी करने का आग्रह किया है, ताकि पुल का शेष निर्माण कार्य जल्द पूरा हो सके।

स्थानीय लोगों का मानना है कि अटेर चंबल पुल के चालू होने से हजारों किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सामाजिक एवं आर्थिक संबंध भी मजबूत होंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / Anil Sharma