उज्जैन: बोरवेल में गिरकर दो वर्षीय बच्चे की मौत, 22 घण्टे सतत चला बचाव अभियान
उज्जैन, 10 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की बडऩगर तहसील के ग्राम झालरिया में एक खेत पर भेड़ चराने के लिए रुके राजस्थान के पाली जिले के गडरिया परिवार का दो वर्षीय बच्चा खुले बोरवेल में गुरुवार शाम को गिर गया था। शुक्रवार शाम करीब 22 घण्टे बाद उसका शव निकाल लिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर संवेदना व्यक्त करने के साथ ही पीडि़त परिवार को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
बच्चे भागीरथ के पिता प्रवीण देवासी और माता जत्तू बाई ने बताया कि गुरुवार को उन्हे मांगलिक कार्य में शामिल होने राजस्थान जाना था। भागीरथ को नए कपड़े पहनाकर तैयार किया था। वह समीप में बोरवेल के पास पहुंचा,जिस पर पत्थर ढंका था। उसने पत्थर हटाया और बोरवेल में पैर डालकर बैठ गया। अचानक वह उसमें जा गिरा। वह बचाने जाती,तब तक बच्चा काफी नीचे चला गया था। सूचना मिलने पर ग्रामवासी आए और पुलिस-प्रशासन को भी सूचित किया गया।
इधर गुरुवार को सूचना मिलते ही कलेक्टर रोशनकुमार सिंह एवं एसपी प्रदीप शर्मा मौके पर पहुंचे थे। उज्जैन, इंदौर, हरदा और भोपाल की एनडीआरएफ/एसडीआरएफ टीम ने बच्चे को बोरवेल से निकालने के लिए सतत प्रयास किए। समानांतर गड्ढे करके नीचे तक जाने का प्रयास किया वहीं सुरंग भी बनाई, लेकिन चट्टान आने से बचाव कार्य में बाधा आई। बोरवेल में केमरा डालने पर जो वीडियो सामने आया,उसमें बच्चा पानी में डूबा दिखा और हलचल नहीं दिखी। इसके बाद बचाव कार्य रोककर बच्चे को निकालने का काम किया गया। शव निकालने के बाद एंबुलेंस से पोस्टमार्टम हेतु अस्पताल भेजा गया। कलेक्टर-एसपी के अनुसार बोरवले को इस प्रकार खुला छोडक़र, लापरवाही करनेवाले दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल