उज्जैन पुलिस ने लौटाए 5 लाख से अधिक रुपये, जल्द आएंगे बैंक खातों में

 


उज्जैन, 08 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस की आईटी सेल ने ऑनलाइन ठगी के शिकार 57 लोगों की 5 लाख 4 हजार रुपये से अधिक की राशि सुरक्षित कर वापस दिलाई गई। पुलिस की इस कार्रवाई से पीडि़तों को आर्थिक नुकसान से बचा लिया गया।

एसपी प्रदीप शर्मा ने सोमवार को बताया कि आईटी सेल को पिछले दिनों में साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। जिसमें ऑनलाइन फ्रॉड के माध्यम से उनके बैंक खातों से राशि निकालकर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी गई है। मामलों की गंभीरता को देखते हुए आईटी सेल ने तत्काल तकनीकी विश्लेषण शुरू किया। बैंकिंग ट्रांजेक्शन की ट्रेसिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए संदिग्ध खातों की पहचान की गई और धनराशि के प्रवाह पर नजर रखी गई।

एमआरएम पोर्टल की सहायता से बचाई गई रकमउन्होंने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने एमआरएम (मनी रेस्टोरेशन मॉडल) पोर्टल का उपयोग करते हुए संबंधित बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की विस्तृत पड़ताल की। समय रहते कार्रवाई कर साइबर ठगों तक पहुंचने से पहले ही राशि को होल्ड और फ्रीज कराया गया। परिणाम यह रहा कि 57 शिकायतकर्ताओं की कुल 5 लाख 4 हजार 602 रु. की राशि सुरक्षित कर ली गई। बाद में जरूरी प्रक्रिया पूरी कर यह रकम संबंधित पीडि़तों को वापस सौंप दी गई।

पुलिस ने नागरिकों से अपीलपुलिस ने आमजन से ऑनलाइन लेनदेन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, पासवर्ड या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और सोशल मीडिया या फोन कॉल के जरिए मिलने वाले संदिग्ध ऑफरों से सतर्क रहें। साइबर ठगी होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल